National Film Awards 2025: बॉलीवुड के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा, क्योंकि दिल्ली में 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards 2025) का ऐलान किया गया। इस बार के अवॉर्ड्स में तीन बड़े सितारों ने पहली बार यह सम्मान अपने नाम किया – शाहरुख खान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी। इन सभी को अपने-अपने दमदार अभिनय के लिए यह पुरस्कार मिला है।

पहली बार National Film Award पाने वाले सितारे
तीनों ही कलाकारों – शाहरुख, विक्रांत और रानी – को यह नेशनल अवॉर्ड पहली बार मिला है। जहां शाहरुख को उनके एक्शन अवतार और डबल रोल के लिए ‘जवान’ में खूब सराहा गया, वहीं विक्रांत ने ‘12th फेल’ में एक संघर्षरत युवा की सच्ची कहानी को बड़े ही दिल से निभाया। इस फिल्म की कहानी आईपीएस ऑफिसर मनोज शर्मा की जिंदगी पर आधारित थी।
रानी मुखर्जी को यह अवॉर्ड 30 साल के लंबे करियर के बाद मिला है, जो उन्हें और उनके फैंस के लिए भावुक पल था। रानी ने ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में एक ऐसी मां का किरदार निभाया, जो अपने बच्चों को वापस पाने के लिए सिस्टम से लड़ती है।

इस साल की खास बात ये रही कि बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दो कलाकारों को संयुक्त रूप से दिया गया है – शाहरुख खान को उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ के लिए और विक्रांत मैसी को उनकी प्रेरणादायक बायोपिक ‘12th फेल’ के लिए। वहीं, रानी मुखर्जी को ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में शानदार प्रदर्शन के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया।

रानी ने मांओं को समर्पित किया पुरस्कार
नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद रानी ने अपने बयान में कहा – “मैं अभिभूत हूं। यह मेरे करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है और मैं इसे फिल्म की पूरी टीम, डायरेक्टर आशिमा छिब्बर, प्रोड्यूसर्स निखिल आडवाणी, मोनिशा और मधु के साथ शेयर करना चाहती हूं। ये फिल्म मातृत्व की ताकत का जश्न है और मैं ये पुरस्कार दुनियाभर की सभी मांओं को समर्पित करती हूं।”

बेस्ट हिंदी फिल्म बनी ‘कटहल’
इस बार की बेस्ट हिंदी फिल्म का अवॉर्ड मिला ‘कटहल – ए जैकफ्रूट मिस्ट्री’ को। यह एक हल्की-फुल्की और अनोखी कहानी वाली फिल्म है, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म की प्रोड्यूसर एकता कपूर और गुनीत मोंगा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है और कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स को सम्मान मिलना नए टैलेंट को प्रोत्साहित करेगा।

‘द केरल स्टोरी’ को मिला बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवॉर्ड
विवादों में घिरी फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को तकनीकी श्रेणी में बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार मिला है। फिल्म के विजुअल्स और कैमरा वर्क को सराहा गया, जिसने एक गंभीर विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ के डायलॉग्स को मिला सम्मान
मानवाधिकार वकील की कहानी पर आधारित फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ को बेस्ट डायलॉग राइटिंग का अवॉर्ड मिला। दीपक किंगरानी द्वारा लिखे गए संवाद फिल्म की आत्मा माने गए और दर्शकों को बेहद पसंद आए।

गायिकी और बाल कलाकारों की भी धूम
इस साल बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड गया तेलुगू गायक पीवीएनएस रोहित को उनकी फिल्म ‘बेबी’ के लिए। वहीं बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर बनीं शिल्पा राव, जिन्हें ‘जवान’ के हिट गाने ‘चलेया’ के लिए अवॉर्ड मिला।
बाल कलाकारों में सुकृति वेनी, कबीर खंडारे, त्रिशा तोसार, श्रीनिवास पोकले और भार्गव जगपात को उनकी बेहतरीन अदाकारी के लिए सम्मानित किया गया।

स्क्रीनप्ले श्रेणी में तेलुगू और तमिल फिल्मों का जलवा
इस बार बेस्ट स्क्रीनप्ले का अवॉर्ड तेलुगू फिल्म ‘बेबी’ और तमिल फिल्म ‘पार्किंग’ को मिला। इन दोनों फिल्मों की कहानियों और प्रस्तुति को खूब सराहा गया है।

National Film Awards 2025
हर साल की तरह इस साल भी नेशनल अवॉर्ड्स ने भारतीय सिनेमा की विविधता और गहराई को दर्शाया है। क्षेत्रीय सिनेमा से लेकर बड़े बैनर की फिल्मों तक, हर स्तर के कलाकारों और तकनीशियनों को उनका हक़ मिला है।
1954 में शुरू हुए इन पुरस्कारों की नींव भारतीय कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए रखी गई थी। पहली बार यह अवॉर्ड 10 अक्टूबर 1954 को आयोजित हुआ था, जिसमें मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ को बेस्ट फीचर फिल्म का खिताब मिला था।
आज 71 साल बाद भी ये पुरस्कार हर कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान बने हुए हैं। इस साल की जीतने वाली फिल्में और कलाकार ये साबित करते हैं कि मेहनत, सच्चाई और जुनून का कोई विकल्प नहीं होता।


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