दिलजीत दोसांझ की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर विवादों में आ गई है। करीब तीन साल तक रिलीज का इंतजार करने के बाद फिल्म को हाल ही में ZEE5 पर स्ट्रीम किया गया था, लेकिन रिलीज के महज दो दिन बाद ही इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इस फैसले के बाद फिल्म को लेकर एक बार फिर कई तरह की बातें की जा रही हैं।
क्या है ‘सतलुज’ का विवाद?

‘सतलुज’ का शुरुआती टाइटल ‘पंजाब 95’ था, यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। 1980 और 1990 के दशक में जब पंजाब के अंदर उग्रवाद हुआ था, तब उस दौरान कथित तौर पर हजारों अनजानीं लाशों के गैर-कानूनी अंतिम संस्कार किए जाने के मामलों को खालरा ने उजागर किया था। उन्होंने ऐसे दस्तावेज और सबूत जुटाए थे, जिनसे यह दावा किया गया कि कई लाशों का अंतिम संस्कार बिना उनके परिजनों को मैसेज दिए सीक्रेट तरीके से किया गया है। उनकी जांच ने उस दौर में कथित ह्यूमन राइट्स की ओर देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित किया था।
अपहरण और हत्या ने बढ़ाई गंभीरता

जसवंत सिंह खालरा की जांच के बाद 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले की जांच के बाद कई पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया गया था। संवेदनशील राजनीतिक और ऐतिहासिक सबजेक्ट पर बेस्ड होने की वजह से फिल्म शुरू से ही विवादों में रही।
CBFC के साथ लंबा विवाद

फिल्म को भारत में रिलीज करने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिल सकी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ने फिल्म में 127 कट लगाने का सजेशन दिया था। वहीं फिल्म निर्माताओं का कहना था कि उनसे इससे भी ज्यादा बदलाव करने को कहा गया था। मेकर्स का दावा था कि बोर्ड ने जसवंत सिंह खालरा का नाम तक बदलने की मांग की थी, जिसे उन्होंने एक्सेप्ट नहीं किया।
Satluj Removed From OTT: ZEE5 से क्यों हटाई गई फिल्म?
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3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई ‘सतलुज’ को 5 जुलाई तक प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। हालांकि OTT प्लेटफॉर्म ने इसके पीछे किसी कानूनी आदेश या सेंसरशिप विवाद का हवाला नहीं दिया। कंपनी ने सिर्फ इतना कहा कि “मौजूदा सिचुएशन को देखते हुए फिल्म को अगली इन्फॉर्मेशन आने तक इंडिया में एवेलेबल नहीं कराया जाएगा।”
ZEE5 ने अपने बयान में फैंस की ओर से फिल्म को मिले शानदार सपोर्ट का आभार भी जताया। प्लेटफॉर्म ने कहा कि वो फिल्म और उसके निर्माताओं के साथ खड़ा है, इसके अलावा सभी जरूरी प्रोसेस का पालन करते हुए जल्द से जल्द इसे दोबारा दर्शकों के लिए एवेलेबल कराने की कोशिश करेगा।
गौरतलब है कि ZEE5 ने यह साफ नहीं किया कि फिल्म को हटाने का फैसला पहले के सेंसर विवाद या किसी नए कानूनी निर्देश से जुड़ा है या नहीं। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर फिल्म के लंबे और विवादित सफर को चर्चा में ला दिया है।
फिल्म की स्टारकास्ट और कहानी

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’ एक बायोपिक ड्रामा है, जिसमें दिलजीत दोसांझ लीड रोल में नजर आए हैं। उनके अलावा अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की उस सच्ची कहानी को पर्दे पर उतारती है, जिन्होंने 1990 के दशक में पंजाब में कथित गैर-न्यायिक हत्याओं और सीक्रेट तरीके से किए गए अंतिम संस्कारों के मामलों को उजागर कर के पूरे देश का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा था।
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