क्या सही में बंद हो रहे 500 के नोट? सरकार ने बता दिया पूरा सच

Summary :

500 रुपये के बंद होने का क्या है सच? PIB ने किया खुलासा

सोशल मीडिया पर 500 रुपये के नोट बंद होने की अफवाहों के बीच, पीआईबी ने स्पष्ट किया कि यह खबर गलत है और आरबीआई ने 500 रुपये के नोट को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया है। चंद्रबाबू नायडू की टिप्पणी ने इस मुद्दे को और हवा दी है लेकिन वर्तमान में 500 रुपये के नोट पूरी तरह से सर्कुलेशन में रहेंगे।

Big Update on Five hundred rupees: देश में पिछले कुछ दिनों से 500 रुपये के नोट को लेकर सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं. दावा किया जा रहा है कि जल्द ही यह नोट चलन से बाहर किया जा सकता है. लेकिन इस पूरे मामले की हकीकत कुछ और है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में सभी बैंकों को निर्देश दिए थे कि वे अपने एटीएम में 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता बढ़ाएं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्देश के बाद कुछ मीडिया चैनलों और एक्सपर्ट ने यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया कि 500 रुपये के नोट को धीरे-धीरे बंद किया जा सकता है. कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि यह नोट धीरे-धीरे बाजार से हटाया जाएगा और बैंकों के पास वापस जमा कराया जाएगा. हालांकि, यह सब अटकलों पर आधारित बातें हैं.

PIB फैक्ट चेक में सामने आया सच

इस बीच सरकारी फैक्ट चेक यूनिट, प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया है. पीआईबी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि एक यूट्यूब चैनल ‘कैपिटल टीवी’ द्वारा फैलाई गई खबर कि 500 रुपये का नोट बंद किया जा रहा है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है.

पीआईबी ने इसे फेक न्यूज करार देते हुए कहा कि आरबीआई ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और 500 रुपये का नोट पूरी तरह सर्कुलेशन में बने रहेंगे.

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चंद्रबाबू नायडू की टिप्पणी से बढ़ी हलचल

इस पूरे प्रकरण को और ज्यादा हवा तब मिली जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार को 500 रुपये और इससे बड़े मूल्य के नोटों को बंद कर देना चाहिए.

उनका मानना है कि बड़े मूल्यवर्ग के नोट भ्रष्टाचार की जड़ हैं और इन्हें हटाना जरूरी है. उनके इस बयान के बाद इस मुद्दे ने और भी ज्यादा तूल पकड़ लिया.

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।