वैश्विक तनाव के बीच भारत में पर्यटन का सुनहरा भविष्य: WTTC CEO

Summary :

वैश्विक अस्थिरता में भारत के पर्यटन को मिलेगा लाभ

भारत का पर्यटन क्षेत्र वैश्विक अस्थिरता के बीच विदेशी पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। डब्ल्यूटीटीसी की सीईओ जूलिया सिम्पसन ने भारत की विविधता, डिजिटल वीजा प्रणाली और बुनियादी ढांचे को इसकी प्रमुख ताकत बताया है, जो इसे अन्य देशों के मुकाबले लाभकारी बना रही है।

भू-राजनीतिक तनाव और दुनिया भर में बदलते पर्यटन रुझानों के बीच भारत का पर्यटन क्षेत्र लाभ उठाने की स्थिति में है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) की सीईओ जूलिया सिम्पसन ने कहा है कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में भारत विदेशी पर्यटकों के लिए एक मजबूत और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर सकता है। डब्ल्यूटीटीसी प्रमुख ने कहा कि अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है, जहां अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में अमेरिका आने वाले अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों की संख्या 2019 की तुलना में 7 प्रतिशत कम थी।

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भारत को क्यों होगा फायदा?

डब्ल्यूटीटीसी प्रमुख के अनुसार, जब अन्य देश विदेशी यात्रियों को खो रहे हैं, भारत जैसे स्थिर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश तेजी से पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। भारत की विविधता, बेहतर डिजिटल वीजा प्रणाली और बेहतर बुनियादी ढांचा इसकी प्रमुख ताकत हैं। वैश्विक पर्यटन निकाय ने गति बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा निरंतर निवेश और लक्षित नीति समर्थन का भी आह्वान किया। ये आंकड़े डब्ल्यूटीटीसी की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जूलिया सिम्पसन ने नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान साझा किए।

‘भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल दिखता है’

सिम्पसन ने कोविड महामारी के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पर्यटन क्षेत्र के पुनरुद्धार का उल्लेख किया और कहा कि ‘भविष्य बहुत उज्ज्वल दिखता है’। उन्होंने 2025 के लिए भारतीय पर्यटन क्षेत्र के कुछ अनुमानित आंकड़े और 2035 तक 10 साल का पूर्वानुमान भी साझा किया। सिम्पसन ने 2024 को भारत में यात्रा और पर्यटन के लिए ‘वास्तव में अविश्वसनीय वर्ष’ करार दिया और कहा कि महामारी के बाद के पुनरुद्धार में घरेलू यात्रा खर्च महत्वपूर्ण था।

‘भारत में पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ’

उन्होंने कहा, “… मुझे वास्तव में लगता है कि यह भारत में यात्रा और पर्यटन अर्थव्यवस्था का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रमुख स्तंभ है।” आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत में अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों द्वारा खर्च रिकॉर्ड 3,100 बिलियन रुपये ($ 36.8 बिलियन) तक पहुंचने की उम्मीद है। यह 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2019 के पिछले उच्चतम स्तर से नौ प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का पुनरुद्धार भारत में यात्रा, पर्यटन को विकास के एक नए युग में ले जा रहा है।

Neha Singh