नई दिल्ली: उपभोक्ता अधिकारों के लिए काम करने वाली एक गैर सरकारी संगठन ने दावा किया है कि देश में उपभोक्ताओं को मिलने वाली इंटरनेट स्पीड दूरसंचार कंपनियों के दावों से काफी कम होती हैं। संगठन के अनुसार यह वैश्विक स्तर पर सबसे कम स्पीड में से है। संगठन कंज्यूमर वॉयस के अनुसार, उपभोक्ता खराब, औसत और अच्छी सेवाओं में फर्क कर पाने में असमर्थ हैं। संगठन ने जारी बयान में कहा, सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जा रही इंटरनेट स्पीड उनके दावों से काफी कम हैं और वैश्विक स्तर पर सबसे खराब सेवाओं में से एक है।
संगठन ने चार दूरसंचार सर्किल के आठ राज्यों में वायरलेस इंटरनेट स्पीड का भी अध्ययन किया और पाया कि इस तरीके में भी दी जा रही इंटरनेट स्पीड कंपनियों के दावों से काफी कम हैं। अध्ययन में 3जी और 4जी सेवाओं में भी वास्तविक स्पीड और दावों में काफी अंतर पाया गया है। अध्ययन ने कहा, इंटरनेट की खराब स्पीड के कारण सरकार व दूरसंचार नियामक को चाहिए कि इंटरनेट स्पीड बेहतर करने की रूपरेखा तैयार की जाए।
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