वित्त वर्ष 2026 में बढ़ेगा FMCG Sector का राजस्व, जानिए ग्रामिण क्षेत्र का योगदान

Summary :

शहरी बाजार कुल राजस्व का लगभग 60 प्रतिशत योगदान

भारत के फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर का राजस्व वित्त वर्ष 2026 में 6 से 8 प्रतिशत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

वित्त वर्ष 2025 में इस सेक्टर में 5-6 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

मूल्य वृद्धि से राजस्व में 2 प्रतिशत ज्यादा वृद्धि की उम्मीद है।

साबुन, बिस्किट, कॉफी, हेयर ऑयल और चाय जैसी प्रोडक्ट कैटेगरी में मुद्रास्फीति का असर देखने को मिल सकता है।

वित्त वर्ष 2026 में परिचालन लाभ 20 से 21 प्रतिशत पर स्थिर रहने की उम्मीद है। 

वित्त वर्ष 2025 में इसमें 50 से 100 आधार अंकों की मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है।

 मजबूत बैलेंस शीट बनाए रखने और पर्याप्त लिक्विडिटी भंडार रखने की क्षमता को जाता है।

कुल राजस्व का लगभग 60 प्रतिशत शहरी बाजार योगदान देता है।

 ग्रामीण क्षेत्र 40 प्रतिशत का योगदान देता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।