भारतीय शेयर बाजार में कल से हरियाली छाई हुई है लेकिन वैश्विक बाजारों में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि आज बीएसई सेंसेक्स 103.65 अंक, 0.13 प्रतिशत चढ़कर 79,413.66 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 24,538.20 पर फ्लैट खुला और कुछ ही देर में इसमें और गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार ने रिकवरी करते हुए रफ्तार पकड़ ली है और सेंसेक्स में 490 अंको का उछाल देखा गया है और निफ्टी में 118 अंको का उछाल
निफ्टी स्मॉलकैप में गिरावट
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल आधार पर सबसे ज्यादा दबाव मेटल शेयरों पर देखने को मिला, और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.7 प्रतिशत गिर गया। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.56 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। केमिकल, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में भी 1.34 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
वहीं आईटी सेक्टर ने बाजार की धारणा को कुछ हद तक संभाला। निफ्टी आईटी करीब 2 प्रतिशत चढ़ गया। निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक और मीडिया शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
जानें बाजार एक्सपर्ट की राय
बाजार एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट का असर दुनिया के अधिकांश शेयर बाजारों पर दिखाई दे सकता है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। एक्सपर्ट का मानना है कि वैश्विक तकनीकी शेयरों में आई गिरावट और एआई आधारित निवेश थीम की रफ्तार कम होने का भारतीय बाजार को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी अन्य उभरते बाजारों की ओर बढ़ सकती है।
एशियाई बाजारों में मचा कोहराम
एआई के कड़े नियमन के डर और एआई से जुड़े खर्चों में कमी की आशंका से एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई। वॉल स्ट्रीट में भारी नुकसान के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली शुरू हो गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया, जिससे ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। बाजार दोबारा खुलने के बाद इसमें थोड़ी रिकवरी आई। इसी तरह, जापान का निक्केई भी करीब 6 प्रतिशत टूट गया। जबकि ताइवान का बेंचमार्क इंडेक्स भी 8 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया।


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