भारत में पहुंचेगा पेट्रोल 177 रुपये प्रति लीटर? कच्चे तेल में उबाल, आसमान छूने लगे भाव, जानें भारतीय अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ेगा असर

Summary :

Fuel Price Surge India Economy: मिडिल ईस्ट में जंग के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आया है। जिससे पूरे बाजार में हलचल मच गई है इसी बीच ईरान ने पूरे विश्व को चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वैश्विक बाजार को स्थिर करने के लिए ट्रंप ने पहले रूस से तेल खरीदने की छूट दी है अब ईरानी तेल पर भी प्रतिबंध हटा दिया है। भारत में भी ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव किया गया है। प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज…

Fuel Price Surge India Economy: मिडिल ईस्ट में जंग के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आया है। जिससे पूरे बाजार में हलचल मच गई है इसी बीच ईरान ने पूरे विश्व को चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वैश्विक बाजार को स्थिर करने के लिए ट्रंप ने पहले रूस से तेल खरीदने की छूट दी है अब ईरानी तेल पर भी प्रतिबंध हटा दिया है। भारत में भी ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव किया गया है।

प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। वहीं दावा किया जा रहा है कि कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल रहती है तो भारत में पेट्रोल डीजल के रेट आसमान छूने लगेंगे। जानें भारतीय अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ेगा असर

Fuel Price Surge India Economy: 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता कच्चा तेल

Fuel Price Surge India Economy
Fuel Price Surge India Economy (Source: Social Media)

ईरान ने पूरी दुनिया को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच सकती है। बता दें कि भारत लगभग 80 प्रतिशत तक तेल का आय़ात करता है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को करारा झटका लग सकता है। माना जा रहा है कि 200 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने पर पेट्रोल 177 रुपये प्रति लीटर और डीजल 168 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकता है। वहीं आज कच्चे तेल की कीमत लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

एशिया का ऊर्जा संकट गहरा गया

खाड़ी देशों में जारी जंग कम होने के बदले भीषण होती जा रही है और गैस-तेल प्लांट को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे एशिया का ऊर्जा संकट और गहरा सकता है और वैश्विक आपूर्ति ठप हो सकती है। ऐसी हालात में जहां ब्रेंट क्रूड वित्त वर्ष 2027 के अंत तक 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहता है तो  भारत का चालू खाता घाटा (सीए) जीडीपी के 2 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इस दौरान अमेरिकी डॉलर भारतीय डॉलर का अनुपात और कमजोर होकर 94-95 तक पहुंच सकता है, जबकि केंद्र सरकार का वार्षिक अतिरिक्त खर्च 3.6 ट्रिलियन रुपये प्रति वर्ष बढ़ जाएगा।

Fuel Price Surge India Economy: भारत खाड़ी देशों पर ही सबसे ज्यादा निर्भर

Fuel Price Surge India Economy (1)
Fuel Price Surge India Economy (Source: Social Media)

भारत कच्चे तेल के लिए खाड़ी देशों पर ही सबसे ज्यादा निर्भर रहता है अगर यहां जंग जारी रहती है तो भारत को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है और भारत को दूसरा वैकल्पिक स्रोत तलाशना मुश्किल और महंगा भी हो सकता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत में चिंता भी बढ़ गई है क्योंकि सिर्फ 1 डॉलर की बढ़ोतरी के बाद भारत में 14 हजार करोड़ का तेल आयात बिल बढ़ जाता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।