नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) गणना प्रक्रिया और आधार वर्ष में बदलाव कर विकास के आंकड़े बढ़-चढ़कर दिखाने के विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुये कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जीडीपी विकास दर में वृद्धि वास्तविक है।
जेटली ने लोकसभा में 2017-18 की दूसरी पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुये कहा कि केंद्रीय सांख्यिकी विभाग अर्थव्यवस्था के बढ़ते दायरे के साथ समय-समय पर गणना प्रक्रिया और आधार वर्ष में बदलाव करता रहता है। नयी प्रक्रिया भले मोदी सरकार के समय लागू की गयी है, लेकिन उसका आधार वर्ष 201।12 रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यदि बदलाव का कोई लाभ मिलता है तो वह पहले साल मिलता है। वित्त वर्ष 2014-15 की विकास दर 2013-14 की तुलना में और 2015-16 की विकास दर 2014-15 की तुलना में है। वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष को सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध नहीं करना चाहिये। जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी वैश्विक संस्था जीडीपी वृद्धि दर को मान रही है तो कांग्रेस पार्टी को उस पर सवाल नहीं उठाना चाहिये।
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