वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अप्रैल 2025 में जीएसटी कलेक्शन में 12.6% की वृद्धि की सराहना की, इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने करदाताओं का आभार व्यक्त किया और राज्यों के वित्त मंत्रियों व जीएसटी अधिकारियों की भूमिका की प्रशंसा की।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में दहाई अंकों की वृद्धि दर के लिए गुरुवार को सभी करदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि अप्रैल 2025 में सकल जीएसटी संग्रह 2.36 लाख करोड़ रुपए रहा, जो अप्रैल 2024 के 2.10 लाख करोड़ रुपए के सकल संग्रह से 12.6 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार, अप्रैल 2025 में शुद्ध जीएसटी संग्रह 2.09 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो अप्रैल 2024 के 1.92 लाख करोड़ रुपए के शुद्ध संग्रह की तुलना में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने जीएसटी संग्रह में जबरदस्त वृद्धि की तारीफ करते हुए कहा, “ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और सहकारी संघवाद की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं। निर्मला सीतारमण ने उन करदाताओं के प्रति हार्दिक आभार जताया, जिनके योगदान और जीएसटी ढांचे में विश्वास ने देश की प्रगति को गति दी है। उन्होंने कहा कि उनका योगदान विकसित भारत के निर्माण के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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उन्होंने देश के जीएसटी ढांचे में समान रूप से भागीदारी के लिए सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों और राज्य जीएसटी अधिकारियों के समर्पित प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की भी सराहना की “जिन्होंने ईमानदारी से प्रयास किया”। इससे पहले, सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि अप्रैल में घरेलू लेनदेन से जीएसटी संग्रह 10.7 प्रतिशत बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपए और आयातित वस्तुओं से जीएसटी संग्रह 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपए हो गया।


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