2025 की पहली तिमाही में भारतीय टेक स्टार्टअप्स ने 2.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से 8.7% अधिक है। लेट-स्टेज राउंड में 1.8 अरब डॉलर की फंडिंग मिली, जो 2024 की चौथी तिमाही से 38.46% अधिक है। ऑटो टेक, एंटरप्राइज एप्लीकेशन और रिटेल सेक्टर ने निवेशकों को आकर्षित किया और कुल 38 अधिग्रहण हुए।
घरेलू टेक स्टार्टअप्स ने कैलेंडर वर्ष 2025 की पहली तिमाही में (जनवरी-मार्च अवधि में) अब तक 2.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इसमें पिछली तिमाही की अपेक्षा 13.64 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 8.7 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। 2025 की पहली तिमाही में वैश्विक स्तर पर यूएस और यूके बाद भारतीय टेक स्टार्टअप को सबसे अधिक फंडिंग मिली है। लेट-स्टेज राउंड में 2025 की पहली तिमाही में (अब तक) कुल 1.8 अरब डॉलर की फंडिंग मिली, जो कि 2024 की चौथी तिमाही में जुटाए गए 1.3 अरब डॉलर की तुलना में 38.46 प्रतिशत अधिक है और यह राशि 2024 की पहली तिमाहीमें जुटाए गए 839 मिलियन डॉलर की तुलना में 114.54 प्रतिशत अधिक है।
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मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के अनुसार, इस तिमाही में कुल 38 अधिग्रहण हुए, जो पिछली तिमाही की तुलना में 15.15 प्रतिशत और 2024 की पहली तिमाही में हुए 27 अधिग्रहणों की तुलना में 40.74 प्रतिशत अधिक है। ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा कि फंडिंग का माहौल गतिशील बना हुआ है और भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम में ग्रोथ जारी है।
उन्होंने आगे कहा, “ऑटो टेक, एंटरप्राइज एप्लीकेशन और रिटेल जैसे प्रमुख सेक्टर निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं और अधिग्रहणों में वृद्धि एक परिपक्व बाजार का संकेत देती है। इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप स्टार्टअप इकोसिस्टम के मूल में बने हुए हैं, जो भारत को दीर्घकालिक सफलता के लिए तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि ऑटो टेक सेक्टर को 2025 की पहली तिमाही में 1.1 अरब डॉलर की फंडिंग मिली है, जो कि 2024 की चौथी तिमाही के आंकड़े 214.6 मिलियन डॉलर से 403.35 प्रतिशत और 2024 की पहली तिमाही के आंकड़े 245.7 मिलियन डॉलर से 339.71 प्रतिशत अधिक है।
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एंटरप्राइज एप्लीकेशन सेक्टर को समीक्षा अवधि में 650.7 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली है, जो कि इससे पिछली तिमाही में मिली 533.6 मिलियन डॉलर की फंडिंग से 21.94 प्रतिशत अधिक है। वहीं, रिटेल सेक्टर को 481.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली है, जो कि पिछली तिमाही के मुकाबले 21.67 प्रतिशत अधिक है। देश में सभी टेक स्टार्टअप्स को मिली फंडिंग में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी दिल्ली के स्टार्टअप्स की थी। इसके बाद बेंगलुरु की हिस्सेदारी 21.64 प्रतिशत रही है।


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