वाशिंगटन : अमेरिका की संसद की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ईरान पर नये सिरे से लगाये गये प्रतिबंधों का प्रतिरोध कर सकता है क्योंकि वह ऐसे मामलों में संयुक्तराष्ट्र की व्यवस्थाओं का ही अनुपालन करता रहा है। अमेरिकी संसद की शोध एवं परामर्श इकाई कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) की 11 सितंबर की रिपोर्ट में कहा गया कि पारंपरिक तौर पर भारत सिर्फ संयुक्त राष्ट्रसुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का ही पालन करता है। इसके अलावा भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भी ईरान पर निर्भर करता है।
हालांकि ट्रंप सरकार ईरान पर प्रतिबंध से संबंधित मुद्दों पर भारत से बातचीत कर रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार नवंबर तक ईरान से तेल का आयात बंद नहीं करने वाले देशों और कंपनियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत की सामान्यत: यह स्थिति रही है कि वह सिर्फ संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का अनुपालन करता है।
IOC ने की ईरान से अक्तूबर के लिये तेल आयात की बुकिंग
इससे यह आशंका उठती है कि ईरान से तेल नहीं खरीदने संबंधी अमेरिकी प्रतिबंध का भारत प्रतिरोध कर सकता है।’’ सीआरएस ने कहा कि भारत और ईरान की सभ्यता एवं इतिहास आपस में जुड़े हुए हैं। वे विभिन्न रणनीतिक मुद्दों पर भी एक-दूसरे से संबंधित हैं।


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