मुंबई : आम चुनाव से पहले सरकार के अंतिम लोक-लुभावन बजट के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी देखी गयी। हालांकि कुछ निवेशक किसानों को दी गयी राहत तथा करों में छूट से राजकोषीय स्थिति बिगड़ने को लेकर आशंकित भी रहे। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स कारोबार के दौरान 500 अंक से अधिक उछलकर एक समय 36,778.14 अंक पर पहुंच गया था। लेकिन बाजार का यह जोश कायम नहीं रह सका और यह एक समय गिरकर 36,221.32 अंक तक आ गया।
कारोबार के समाप्त होने पर यह अंतत: 212.74 अंक यानी 0.59 प्रतिशत मजबूत रहकर 36,469.43 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 62.70 अंक यानी 0.58 प्रतिशत उछलकर 10,893.65 अंक पर रहा। कारोबारियों ने कहा कि बजट में कृषि तथा मध्यम वर्ग पर ध्यान दिये जाने से निवेशकों में उत्साह रहा और वाहन तथा उपभोग आधारित शेयर तेजी में रहे।
सरकार ने पांच लाख रुपये तक की आय पर कर में पूरी छूट देने, छोटे किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपये देने और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को तीन हजार रुपये का मासिक पेंशन देने की बजट में घोषणा की। आम चुनाव से पहले लोक-लुभावन कदमों के कारण चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 तक सीमित रखने के लक्ष्य में चूक के बाद भी बाजार की धारणा सकारात्मक बनी रही।
गोयल ने बजटीय भाषण में कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.30 प्रतिशत के लक्ष्य से कुछ ऊपर 3.40 प्रतिशत रहने की आशंका है। कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि एनडीए सरकार ने लोकलुभावन कदमों से सत्ता बरकरार रखने की उम्मीदें मजबूत कर ली है। इससे राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित होगी जो बाजार के लिये सकारात्मक है।


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