Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 9 जनवरी को भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिले। दरअसल शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद बाजार पर बिकवाली देखी गई। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें दिन गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। दिन के दौरान सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि (Nifty50) निफ्टी 25,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर रहा। अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण भी निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आए।
Stock Market Crash Today: दोपहर तक बाजार की स्थिति
दोपहर 2:55 बजे के आसपास सेंसेक्स 767 अंक या करीब 0.91 प्रतिशत गिरकर 83,413 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 247 अंक या 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,630 के आसपास पहुंच गया। पिछले पांच कारोबारी दिनों में (BSE Sensex) सेंसेक्स करीब 2,200 अंक यानी 2.6 प्रतिशत तक टूट चुका है। इसी अवधि में निफ्टी 50 में भी लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

Stock Market Crash: शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली से बना हुआ है। गुरुवार को एफआईआई ने करीब 3,367 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। वे लगातार चार दिनों से भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जनवरी महीने में अब तक विदेशी निवेशक 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं।
2. अमेरिका में टैरिफ पर फैसले का इंतजार
निवेशकों की नजर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले पर टिकी हुई है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Trump Tariffs) द्वारा लगाए गए टैरिफ की वैधता पर फैसला आना है। अगर कोर्ट इन टैरिफ को गलत ठहराता है, तो अमेरिकी सरकार को आयातकों को भारी रकम लौटानी पड़ सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत पर भी पड़ेगा। अगर टैरिफ रद्द होते हैं तो भारत जैसे देशों को राहत मिल सकती है।

3. नए टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताएं
हाल के दिनों में टैरिफ को लेकर बाजार की चिंता फिर बढ़ गई है। संकेत मिले हैं कि रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर और सख्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने से जुड़े प्रस्तावों की खबरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
4. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी शेयर बाजार के लिए नकारात्मक रही। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब आधा फीसदी बढ़कर 62 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। भारत जैसे देश के लिए ऊंची तेल कीमतें महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा देती हैं, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ता है।
5. रुपये में कमजोरी
शुक्रवार को रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 7 पैसे टूटकर करीब 89.97 के स्तर तक पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी ने कुछ अहम तकनीकी स्तरों को तोड़ दिया है, जिससे बाजार की कमजोरी और बढ़ गई है। निफ्टी अपने 50-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ चुका है। इसके अलावा पहले का सपोर्ट लेवल भी टूट गया है। अब निफ्टी के लिए 25,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 26,000 से 26,050 का दायरा फिलहाल मजबूत रुकावट बन सकता है।
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