Breaking: दंतेवाड़ा में नक्सलवाद को बड़ा झटका, 60 से अधिक माओवादियों ने किया सरेंडर

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Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में नक्सल विरोधी अभियानों और शांति प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को 36 इनामी माओवादियों समेत कुल 63 माओवादी कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया। इन पर कुल 1.19 करोड़ रुपये का इनाम था। सरेंडर सेरेमनी दंतेवाड़ा में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के ऑफिस में हुई। इन कैडरों में 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल थे। ये दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ डिवीजन और पड़ोसी ओडिशा के कुछ हिस्सों में एक्टिव थे। Dantewada Crime News: पुलिस अधिकारी ने माओवादियों के सरेंडर पर क्या कहा? एक…

Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में नक्सल विरोधी अभियानों और शांति प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को 36 इनामी माओवादियों समेत कुल 63 माओवादी कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया। इन पर कुल 1.19 करोड़ रुपये का इनाम था। सरेंडर सेरेमनी दंतेवाड़ा में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के ऑफिस में हुई। इन कैडरों में 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल थे। ये दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ डिवीजन और पड़ोसी ओडिशा के कुछ हिस्सों में एक्टिव थे।

Dantewada Crime News: पुलिस अधिकारी ने माओवादियों के सरेंडर पर क्या कहा?

Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender (CREDIT-SM)
Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender (CREDIT-SM)

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनमें से सात पर आठ-आठ लाख रुपये, सात पर पांच-पांच लाख रुपये, आठ पर दो-दो लाख रुपये, ग्यारह पर एक-एक लाख रुपये और तीन पर 50,000 रुपये का इनाम था। इस बड़े पैमाने पर हुए सरेंडर का श्रेय ‘पुना मरगम’ अभियान को दिया जा रहा है, जिसका मतलब है पुनर्वास से पुनर्जीवन। यह अभियान दंतेवाड़ा पुलिस ने माओवादियों को हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया है।

Dantewada Naxal Surrender: शांति की दिशा में बड़ा कदम

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने इस पहल को क्षेत्र में स्थायी शांति, सम्मान और सर्वांगीण प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
इस सेरेमनी में कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे, जिनमें डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ऑपरेशंस) सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, सीआरपीएफ की 111वीं, 195वीं और 230वीं बटालियन के कमांडेंट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन और अन्य अधिकारी शामिल थे।

Chhattisgarh Naxal News: सरेंडर माओवादी अब क्या क्या करेंगे?

डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ जैसी फोर्स ने कैडरों को सरेंडर करने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत, सरेंडर करने वाले हर कैडर को 50,000 रुपये की सहायता के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, खेती की जमीन और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाएं मिलेंगी। सरेंडर करने वालों में कई सीनियर कैडर शामिल थे, जिनका हिंसक घटनाओं में शामिल होने का लंबा रिकॉर्ड था। डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) मोहन कडती 2005 से कई हमलों में शामिल था, जिसमें घात लगाकर हमले और हत्याएं शामिल हैं। महिला DVCM सुमित्रा कडती, उर्फ ​​द्रौपदी और पीपल्स पार्टी कमेटी सदस्य (PPCM) हुंगी, उर्फ ​​अंकिता, कई मुठभेड़ों और आगजनी के मामलों से जुड़ी थीं।

Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender: नक्सली मुक्त होगा बस्तर

Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender
Chhattisgarh Dantewada Naxal Surrender (CREDIT-SM)

अन्य लोग IED धमाकों, गाड़ियों को जलाने, सड़क जाम करने और प्रोपेगेंडा गतिविधियों में शामिल थे। अधिकारियों ने भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार, दंतेवाड़ा पुलिस, CRPF और स्थानीय प्रशासन की लगातार ऑपरेशन और समावेशी विकास के ज़रिए शांति स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस आत्मसमर्पण को बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने के चल रहे प्रयासों में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।