Stock Market Today 26 October 2026: भारतीय शेयर बाजार में बड़ा उलटफेर, Sensex 600 अंक क्रैश होने के बाद हरे निशान में लौटा

Summary :

भारतीय शेयर बाजार वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते बाजार लाल निशान में खुला और सेंसेक्स 600 से ज्यादा अंक क्रैश हो गया था। निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी आईटी टॉप गिरावट वाले सूचकांक रहे

भारतीय शेयर बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बता दें कि वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते बाजार लाल निशान में खुला और सेंसेक्स ने खुलते ही 600 से ज्यादा अंक का गोता लगा दिया। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 609.25 अंकों यानी 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,514.57 का निम्नतम स्तर छुआ, जबकि निफ्टी 50 212.65 अंक या 0.94 प्रतिशत फिसलकर 22387.35 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया। खबर लिखते समय तक सेंसेक्स हरे निशान में लौट आया है और हल्की बढ़त के कारोबार दर्ज किया गया है।

Nifty IT में भारी गिरावट

यह लगातार पांचवां दिन है जब घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में गिरावट दर्ज की गई है। पूरे बाजार में निफ्टी मिड-कैप 100 और स्मॉल कैप दोनों में 0.81 प्रतिशत और 0.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं सेक्टरवार देखें तो, NSE पर Index में गिरावट देखी गई, जिनमें निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी आईटी टॉप गिरावट वाले सूचकांक रहे, जिनमें 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट दर्ज की गई।

निजी बैंकिंग शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक लगभग 0.49 प्रतिशत चढ़ा, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र के शेयरों ने भी अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को कुछ सहारा दिया।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर निवेशकों की नजर

बाजार की दिशा का अंदाजा लगाने के लिए निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर को होने वाली बैठक और सितंबर तिमाही के नतीजों पर नजर रखेंगे।  यह उम्मीद की जा रही है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन भविष्य की दिशा पर उसका रास्ता अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और उभरते बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।

शेयर बाजार पर बाजार एक्सपर्ट की नजर

बाजार एक्सपर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कुछ दिनों में मामूली गिरावट जरूर आई है, लेकिन वे अब भी हाई लेवल पर बनी हुई हैं। ऐसे में शेयर बाजार में किसी मजबूत और टिकाऊ तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिखाई देती है। एक्सपर्ट का मानना है कि गिरावट के बाद कई शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हुए हैं, लेकिन निवेशकों को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से जुड़े व्यापक आर्थिक जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी

दक्षिण कोरिया और ताइवान से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी भारत की तुलना में अधिक रही है, जो भारतीय बाजार की बेहतर स्थिति को दर्शाती है। पिछले कारोबारी सत्र, 23 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 887 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की थी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार चौथे सत्र भी खरीदारी जारी रखते हुए 3,236 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी थी।

एशियाई बाजारों में निवेशक सतर्क

एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क रहा। कच्चे तेल की कीमतें छह महीने के हाई स्तर से नीचे आई हैं, लेकिन निवेशकों की नजर इस सप्ताह होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों और कॉरपोरेट नतीजों पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये घटनाएं एआई-आधारित बाजार रैली की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।