Warren Buffett Net Worth: दुनिया के सबसे मशहूर निवेशक वॉरेन बफे अब बर्कशायर हैथवे के CEO पद से रिटायर हो रहे हैं। साल 1965 में जब उन्होंने इस कंपनी की कमान संभाली थी, तब इसका शेयर सिर्फ 19 डॉलर का था। आज वही शेयर करीब 7.5 लाख डॉलर तक पहुंच चुका है। यानी करीब छह दशकों में निवेशकों को लाखों प्रतिशत का रिटर्न मिला। इसी वजह से वॉरेन बफे को अब तक का सबसे महान निवेशक माना जाता है।
Warren Buffett Net Worth: बर्कशायर हैथवे का शानदार सफर
बफे की अगुवाई में बर्कशायर हैथवे एक छोटी टेक्सटाइल कंपनी से निकलकर अमेरिका की सबसे बड़ी और ताकतवर कंपनियों में शामिल हो गई। आज यह अमेरिका की नौवीं सबसे मूल्यवान कंपनी है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी प्रॉपर्टी और कैजुअल्टी इंश्योरेंस कंपनी भी है। कंपनी के पास लगभग 700 अरब डॉलर के शेयर, बॉन्ड और नकदी है। इसके अलावा बर्कशायर करीब 200 अलग-अलग बिजनेस को कंट्रोल करती है। इनमें BNSF रेलवे, बिजली और यूटिलिटी कंपनियां, और सीज कैंडीज व ब्रूक्स जैसे बड़े कंज्यूमर ब्रांड शामिल हैं।

Warren Buffett Retires Today: बफे की अनोखी निवेश रणनीति
वॉरेन बफे ने अपने करियर की शुरुआत एक वैल्यू इन्वेस्टर के रूप में की थी। वह ऐसी कंपनियों में निवेश करते थे जिनके शेयर अपनी असली कीमत से कम पर मिल रहे हों। समय के साथ उनकी सोच बदली और उन्होंने मजबूत ब्रांड और लंबे समय तक बढ़ने वाली कंपनियों में निवेश शुरू किया। इसका सबसे बड़ा उदाहरण ऐपल है। बफे ने 2016 से 2018 के बीच ऐपल के शेयर खरीदे थे, जो आज बर्कशायर का सबसे मुनाफे वाला निवेश बन चुका है। इससे यह साबित हुआ कि बफे सिर्फ पुराने तरीके नहीं, बल्कि नए दौर के निवेश को भी समझते थे।
Warren Buffett News: अब जिम्मेदारी ग्रेगरी एबेल के कंधों पर
इस साल की शुरुआत में हुई वार्षिक शेयरधारक बैठक में बफे ने अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया था। 1 जनवरी से कंपनी का रोजमर्रा का कामकाज वाइस-चेयरमैन ग्रेगरी एबेल संभालेंगे। हालांकि 95 साल के बफे अब भी चेयरमैन बने रहेंगे और ऑफिस आते रहेंगे। ग्रेगरी एबेल को बफे का उत्तराधिकारी माना जा रहा है, लेकिन उनकी पहचान स्टॉक चुनने वाले निवेशक के रूप में नहीं है। उन्होंने बर्कशायर के एनर्जी बिजनेस को संभालते हुए तरक्की की है। अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी पूंजी का सही इस्तेमाल करना।

बर्कशायर की आगामी परीक्षा
बर्कशायर हैथवे के पास आज भी ऐपल, कोका-कोला, बैंक ऑफ अमेरिका, अमेरिकन एक्सप्रेस, मूडीज, वीजा और मास्टरकार्ड जैसी बड़ी कंपनियों में अरबों डॉलर का निवेश है। साथ ही कंपनी के पास लगभग 380 अरब डॉलर की नकदी है। जैसे-जैसे ब्याज दरें नीचे आ रही हैं, इस नकदी को सही जगह निवेश करना बड़ी चुनौती होगी। निवेशक अब यह देखेंगे कि बफे के बिना भी बर्कशायर अपनी अनुशासित सोच, लंबी अवधि की रणनीति और स्थिर विकास को बनाए रख पाती है या नहीं।
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