चुनाव हुए खत्म, अब पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ेंगी या नहीं, सरकार ने दिए संकेत

Summary :

Will Petrol Diesel Price Hike : ईरान युद्ध के चलते दुनिया भर में क्रूड आयल के दाम तेजी से बढ़े. इसका असर सभी जगह पड़ा, कई देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा हुई. आज के ताजा आंकड़ों की बात की जाए तो 119 डौलर प्रति बैरल दाम चल रहा है. ऐसे में एक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी कि क्या भारत में भी इन दामों का असर होने जा रहा है? सरकार ने दिए संकेत बता दें, देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं. ऐसा माना जा रहा था कि चुनाव बाद इन कीमतों में बढ़ोतरी हो…

Will Petrol Diesel Price Hike : ईरान युद्ध के चलते दुनिया भर में क्रूड आयल के दाम तेजी से बढ़े. इसका असर सभी जगह पड़ा, कई देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा हुई. आज के ताजा आंकड़ों की बात की जाए तो 119 डौलर प्रति बैरल दाम चल रहा है. ऐसे में एक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी कि क्या भारत में भी इन दामों का असर होने जा रहा है?

सरकार ने दिए संकेत

बता दें, देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं. ऐसा माना जा रहा था कि चुनाव बाद इन कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है मगर सरकार के हालिया बयान में इसे लेकर आम लोगों को राहत दी है.

आज के ताजा पेट्रोल की कीमतों की बात करें तो 94.77 रूपए और डीजल 87.67 रूपए प्रति लीटर उपलब्ध है. यह रेट 2022 के शुरू से नहीं बदले हैं.

इस बीच केंद्र सरकार ने उन अटकलों को खारिज कर दिया अता की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं. केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल एइसा कोई प्रस्ताव नहीं है. आज चुनाव के बाद भी तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

फैलाया जा रहा भ्रम

पेट्रोल – डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सोशल मीडिया पर एक भ्रम फैलाया जा रहा है. इस में एक आदेश की कॉपी वायरल हो रही है, जिसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया बताया जा रहा है.

इसमें दावा किया गया है की पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश 10 रूपए और 12.50 रूपए की बढ़ोतरी की गई है. इस पर पीआईबी फैक्ट चैक ने कहा की भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है.

युद्ध का असर

बता दें, 28 फ़रवरी से ईरान अमेरिका और इजराइल के बीच लगातार तनाव जारी है. फिलहाल सीजफायर है मगर युद्ध की समाप्ति को लेकर कोई स्पष्ट संकेत दिखाई नहीं दे रहे.

ऐसे स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज पर घेराबंदी पूरी दुनिया को दिक्कत में डाल रही है, जिससे दुनिया का ईंधन आयात का 20 फीसदी बाधित हो रहा है. यही कारण है की पेट्रोल डीजल या गैस को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. इसी में सोशल मीडिया पर भ्रम भी फ़ैल रहा है.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।