पूर्वी दिल्ली में बुधवार देर रात एक इमारत में आग लगने के बाद वहां से 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली दमकल सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि कृष्णा नगर इलाके में जिस चार मंजिला इमारत में आग लगी उसके भूतल पर प्लास्टिक अपशिष्ट सामग्री रखी थी जबकि ऊपर की मंजिलों पर लोग रहते थे। इमारत में चढ़ने-उतरने के लिए केवल एक ही रास्ता था।
अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना देर रात दो बजकर 10 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल कर्मियों को घटनास्थल पर भेजा गया। आग लगने के बाद सभी निवासी छत पर चले गए जिसके कारण उन्हें बचाना आसान हो गया। उन्होंने बताया कि इमारत से 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और आग पर सुबह चार बजे काबू पाया गया। गौरतलब है की इससे पहले भी दिल्ली में आग के बड़े हादसे हो चुके है।
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बीते 8 दिसंबर को रानी झांसी रोड स्थित अनाजमंडी इलाके की एक इमारत में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इस हादसे में कुल 44 मजदूरों की मौत हो गई थी। मरने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार के रहने वाले थे। ये सभी यहां बैग बनाने वाली फक्ट्री में काम करते थे। इसके एक हफ्ते बाद 15 दिसंबर को दिल्ली के शालीबार बाग इलाके में एक रिहाइशी चार मंजिला इमारत में आग लग गई थी।
इस दुर्घटना में तीन बुजुर्ग महिलाओं की जलने से मौत हो गई थी। सबसे हाल में 23 दिसंबर को दिल्ली के किराड़ी इलाके में तीन मंजिला कपड़े के गोदाम में भीषण आग लग गई थी। इस घटना में छह महीने के एक बच्चे सहित नौ लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई अन्य घायल हुए थे।


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