नई दिल्ली : खुद को एम्स ट्रामा सेंटर का आर्थोपेडिक डॉक्टर बता कर मुख्य इमरजेंसी में मरीजों को दाखिल कराने वाला एम्स का फर्जी डॉक्टर आखिर पकड़ा ही गया। मंगलवार को एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने इसे गले में स्टेथोस्कोप लगाकर एक मरीज को दाखिल कराते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। जिसके बाद इसे पुलिस को सौंप दिया गया। जहां पुलिस ने आईपीसी की धारा 419 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान छत्तरपुर स्थित राजपुर खुर्द निवासी राम किशन गुप्ता के रुप में बताई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने रिश्तेदारों का सही इलाज कराने के लिए अस्पताल में फर्जी डॉक्टर बनकर आता था। जिसके बदले वह उनसे लाभ भी लिया करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने दिल्ली के एक मेडिकल कॉलेज से वर्ष 2000 में एमबीबीएस की डिग्री ली है। जबकि वर्ष 2006 में उसने एमएस पूरा किया है।
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