मनोनीत सदस्यों से सदन में मतदान कराने का प्रयास ‘असंवैधानिक ‘: अरविंद केजरीवाल

Summary :

एमसीडी की कार्यवाही के पहले दिन आप और भाजपा पार्षदों के बीच हंगामे और झड़प के बाद आखिरकार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कार्यवाही के पहले दिन आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षदों के बीच हंगामे और झड़प के बाद आखिरकार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मनोनीत सदस्यों से सदन में मतदान कराने की कोशिश असंवैधानिक है।

नगर पालिका अधिनियम की संरचना के अनुच्छेद को साझा करते हुए, केजरीवाल ने ट्वीट किया, संविधान का अनुच्छेद 243आर स्पष्ट रूप से नामित सदस्यों को सदन में मतदान करने से रोकता है। उन्हें सदन में मतदान कराने का प्रयास असंवैधानिक है। इस बीच, मेयर और डिप्टी मेयर चुनने के लिए शुक्रवार को एमसीडी की कार्यवाही शुरू होने और नए पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, आप और भाजपा पार्षदों के बीच हंगामे और झड़प के बीच सदन को स्थगित कर दिया गया। मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बवाल हुआ।
कोर्ट जाने पर विचार कर रही AAP
आप पार्षदों ने विरोध किया कि मनोनीत पार्षदों को निर्वाचित पार्षद के शपथ लेने से पहले शपथ लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। आप नेता आतिशी ने कहा कि पार्टी मेयर चुनाव को लेकर कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने परंपरा का उल्लंघन किया है क्योंकि निर्वाचित पार्षदों से पहले कभी भी एल्डरमैन को शपथ लेने की अनुमति नहीं दी गई। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी द्वारा नगर निकाय में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के एक महीने से अधिक समय बाद शुक्रवार को दिल्ली को अपना अगला मेयर मिलना तय था। लेकिन, सदन के लिए महापौर और उप महापौर का चुनाव किए बिना सदन को स्थगित कर दिया गया।

Desk Team