Delhi News : भारत में 18वें ब्रिक्स सम्मेलनः 2026 का आगाज हो गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार की सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की कि, ‘सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥’ जिसका अर्थ है कि, ‘व्यक्ति को हमेशा गुणवान सज्जन व्यक्ति के साथ ही बैठना चाहिए और उन्हीं की संगति करनी चाहिए। साथ ही उन्हीं गुणवान व्यक्तियों के साथ ही वाद-विवाद, तर्क वितर्क और मित्रता करनी चाहिए। दुष्ट (मूर्ख) व्यक्ति से कभी भी इस प्रकार का व्यवहार नहीं करना चाहिए।’ यह श्लोक संस्कृत के नीति श्लोकों में से प्रचलित एक श्लोक है जिसका उदाहरण नीति के परिप्रेक्ष्य में दिया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत के श्लोक को पोस्ट कर भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति का परिचय दिया, भारत को प्राचीन काल में ‘आर्यावर्त’ के नाम से जाना जाता था। प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में समय-समय पर अमिट छाप छोड़ने के लिए जाने जाते हैं, कब, कहां वह किन शब्दों या उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुति कर दें, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है।
प्रधानमंत्री @narendramodi ने संस्कृत के प्रचलित नीति श्लोक से ब्रिक्स सम्मेलन में दिया सज्जन व्यक्ति की संगति का संदेश।@PMOIndia @DrSJaishankar@NitinNabin @hdmalhotra@BJP4India @BJP4Delhi#BRICS2026 #BRICSIndia2026#BRICShttps://t.co/miBjtZqBpN pic.twitter.com/X6qCeEwUNQ
— Rahul Sharma 🇮🇳 (@rahuljourno) September 12, 2026
पूरे विश्व की निगाहें जिस समय भारत में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स सम्मेलन पर लगी हैं, उस समय वह 11 सितंबर की सुबह का आगाज संस्कृत के एक श्लोक से करते हैं। यह परिचायक है कि हम कुछ भी हों, लेकिन अपनी संस्कृति यानी अपने मूल से बाहर नहीं हैं। इस श्लोक को पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि, ‘अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स सम्मेलन के लिए जुटेंगे। पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।’
इस श्लोक के माध्यम से पीएम ने वैश्विक सम्मेलन की शुरुआत में ही अपने विचार रख दिए कि मनुष्य को हमेशा सज्जन (अच्छे) लोगों की संगति करनी चाहिए और दुष्ट लोगों से दूर रहना चाहिए। अच्छे लोगों के साथ संवाद, विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने से ही आपसी सद्भाव, शांति और वैश्विक सहयोग मजबूत होता है। शुक्रवार की सुबह 7:34 बजे की गई पीएम की इस पोस्ट को रात साढ़े 10 बजे तक करीब 3, लाख 48 हजार लोग देख चुके हैं और अधिकांश लोगों ने सोशल मीडिया पर पीएम के संस्कृत के श्लोक के महत्व को लेकर खूब प्रशंसा की है।


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