मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया ‘कैच द रेन 2026’ अभियान; वर्षा जल संचयन अपनाने पर पानी के बिल में मिलेगी 10% की भारी छूट

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Catch the Rain 2026 Delhi: कैच द रेन-जहां गिरे, जब गिरे, उसे वहीं सहेजें’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया पूरे राष्ट्र के लिए एक दिशा और संकल्प है। पानी केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार, अर्थव्यवस्था की रीढ़ और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की गारंटी है। यह बात शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आर के पुरम के सेक्टर 13 स्थित गवर्नमेंट को-एड सर्वोदय विद्यालय सेक्टर 13 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘कैच द रेन 2026’ अभियान का औपचारिक…

Catch the Rain 2026 Delhi: कैच द रेन-जहां गिरे, जब गिरे, उसे वहीं सहेजें’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया पूरे राष्ट्र के लिए एक दिशा और संकल्प है। पानी केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार, अर्थव्यवस्था की रीढ़ और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की गारंटी है। यह बात शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आर के पुरम के सेक्टर 13 स्थित गवर्नमेंट को-एड सर्वोदय विद्यालय सेक्टर 13 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘कैच द रेन 2026’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वॉटर रिचार्ज के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अभियान के आधिकारिक जल शुभंकर ‘नीरा’ का भी अनावरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट अब केवल बातों का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इस पर ठोस और तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। बढ़ती आबादी और विकास के कारण पानी की मांग बढ़ रही है, जबकि जल स्रोत सीमित हैं और भूजल लगातार घट रहा है। वर्षा जल संचयन कोई नई तकनीक नहीं है, बल्कि हमारी पारंपरिक समझ का हिस्सा है, जिसे अब प्राथमिकता देना जरूरी है।

वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना होगा अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े सभी भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही, जो नागरिक इस दिशा में पहल करेंगे, उन्हें पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा ऐसी प्रणाली लगाने के लिए 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार खुद भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाएगा। पुराने सिस्टम को दुरुस्त कर उनकी डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सिस्टम लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका नियमित रखरखाव जरूरी है ताकि बारिश की हर बूंद जमीन के भीतर पहुंच सके।

हर घर, हर छत और हर संस्थान वर्षा जल संचयन को अपनाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली कई वर्षों से जल संकट, प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और जलभराव जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन अब ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के सहयोग से इन समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है और नगर निगम के साथ मिलकर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने जनभागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अकेले इस चुनौती का समाधान नहीं कर सकती। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि हर घर, हर छत और हर संस्थान वर्षा जल संचयन को अपनाए और बारिश की हर बूंद को संरक्षित करने की जिम्मेदारी निभाए। भूजल स्तर को बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

दिल्ली जल बोर्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद बांसुरी स्वराज, आर. के. पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इस अवसर पर जल संरक्षण के सरल और प्रभावी उपायों पर भी प्रकाश डाला गया, जिनमें छत के पानी को पाइप के माध्यम से जमीन में पहुंचाना, रिचार्ज पिट और चेक डैम का उपयोग, पानी को स्टोरेज टैंक में जमा करना, टपकते नलों को तुरंत ठीक करना और घरेलू उपयोग में पानी का सीमित और विवेकपूर्ण इस्तेमाल शामिल है।

दिल्ली में पानी की कमी नहीं

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह अभियान एक अच्छी शुरुआत है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी ने साफ संदेश दिया कि पानी बचाना हमारी प्राथमिकता है। ‘नीरा-पानी की वाणी’ जैसे प्रयास लोगों, खासकर बच्चों तक बात पहुंचाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी नहीं है, कमी है उसे संभालने की सोच की। अब वक्त है कि हर घर, हर सोसायटी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाए। यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर हम रोज एक लीटर पानी भी बचा लें, तो दिल्ली का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।

बोरवेल नीति लाने की योजना बना रही सरकारः रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार शहर में पानी की कमी की समस्या को कम करने के लिए बोरवेल नीति लाने की योजना बना रही है। सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार बोरवेल नीति लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है लेकिन केवल उन्हीं घरों और आवासीय कॉलोनियों को अधिकृत बोरवेल मिल सकेगा जिनमें सुचारू रूप से जल संचयन प्रणाली कार्यरत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य को देखते हुए हमें पानी के महत्व को समझना होगा, हर किसी को पानी बचाना होगा।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।