International Labor Day: दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सहयोग देना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना था। इसमें बड़ी संख्या में श्रमिक और उनके परिवार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान लगभग 1,000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट प्रदान की गईं। इन किटों का मकसद कार्यस्थल पर होने वाले जोखिम को कम करना और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों को शिक्षा किट भी दी गईं, ताकि उनकी पढ़ाई में मदद मिल सके और वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर एक नई और बड़े स्तर की कौशल विकास योजना भी शुरू की गई। इस योजना के तहत हर साल करीब 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के कौशल को आधुनिक जरूरतों के अनुसार विकसित करना है, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
International Labor Day: मुख्यमंत्री का संबोधन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रमिकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर के विकास, निर्माण कार्यों और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में श्रमिकों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने श्रमिकों को समाज की प्रगति का आधार बताया और उनके हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्रमिकों को राहत देने के लिए कुछ अहम फैसले भी लिए गए।
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की गई। इससे श्रमिकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे सरकारी योजनाओं का आसानी से लाभ उठा सकेंगे।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जोर
कार्यक्रम में श्रमिकों के लिए सामूहिक विवाह योजना का भी जिक्र किया गया। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहयोग देना है। इससे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी। दिल्ली में आधुनिक श्रमिक चौक और श्रमिक सेवा केंद्र बनाने की योजना भी सामने रखी गई। इन केंद्रों पर श्रमिकों को रोजगार से जुड़ी जानकारी, दस्तावेज़ी सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे उनकी समस्याओं का समाधान आसान हो जाएगा।






















