Bank PO Salary Slip Viral : आप ऑफिस में ज्वाइन करते हैं लेकिन HR आप से कहता है कि अपनी सैलरी किसी को नहीं बताना, जी यही वह लाइन तो है मजबूर कर देती है बाकियों की सैलरी जानने के लिए. तो पूरा देश एकदूसरे की सैलरी जानने की इच्छा रखता है, और जब बात सरकारी नौकरी की आती है तो बाछे खिल जाती है.
इसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक सैलरी की पर्ची यहां वहां घूम रही है. ऐसी वैसी नहीं बल्कि सरकारी नौकरी की. वो भी वह नौकरी जिनकी तैयारी देश के लाखों छात्र करते हैं और कोशिश करते हैं कि यह जौब मिल जाए. नाम है, बैंक PO.
Bank PO Salary Slip Viral: वायरल हुई Salary Slip

बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रोबेशनरी ऑफिसर, यानी बैंक पीओ (PO) का एक वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्चारी अपनी सैलरी की पूरी जानकारी और मिलने वाले भत्तों की लंबी लिस्ट बता रहा है. जी बात कर्मचारी ने शुरू की तो ख़त्म तो हम ही करेंगे.
इस वीडियो के बाद पब्लिक सेक्टर में मिलने वाले फायदों और नौकरी की स्थिरता को लेकर ऑनलाइन काफी चर्चा शुरू हो गई है.
अब बताते हैं घटना, पंकज कुमार दस नाम के बैंक पीओ ने अपने Instagram पर मई 2025 की अपनी पहली सैलरी स्लिप शेयर की थी. इसमें उन्होंने इन हैण्ड सैलरी 98,745 रूपए दिखाई. हालांकि इसके बाद बताया कि यह सैलरी एक महीने की नहीं बल्कि 40 दिनों के कम की थी.
Government Bank Job Benefits: क्या क्या हैं फायदे

इस वीडियो में सैलरी स्लिप में कटौती स एपहले की कुल कमाई का ब्यौरा भी दिया गया था जिसमें बेसिक पे, हाउस रेंट अलाउंस और महंगाई भत्ते जैसे भत्ते भी शामिल थे. इसके अलावा दास ने प्रोबेशनरी ऑफिसर के तौर पर उन्हें मिलने वाले कई तरह के फायदों के बारे में भी बताया.
दिलचस्प यह कि, इसमें पेट्रोल, अखबार, मनोरंजन, स्वास्थ्य, फर्नीचर अलाउंस, नया फोन और रिचार्ज के खर्चे, पीएल इनकैशमेंट, एलएफसी-एलटीसी, हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस जैसे भत्तों को भी बताते हैं. इस स्लिप में पंकज दास अपनी बेसिक सैलरी भी बताते हैं, जिसमें 48,480 रूपए दिखाया गया है.
Pankaj Kumar Das Viral Video: छिड़ी सरकारी और प्राइवेट नौकरी पर बहस
बता दें कि, पंकज दास ने आईबीपीएस द्वारा आयोजित PO की परीक्षा पास की, उन्होंने अपने बायो में यह भी बताया है कि, उन्होंने RRB CSA परीक्षा भी पास की है. पंकज दास ने यह वीडियो शेयर की तो चर्चा तेज हो गई कि किस तरह की नौकरियों को वरीयता देनी चाहिए. इस रील के वायरल होने के बाद बहस तेज होने लगी है कि सरकारी नौकरियों में कितनी तरह की सुविधाएं मिलती हैं, वहीँ प्राइवेट नौकरियों में ओवरवर्क का सामना करना पड़ता है.





















