Delhi Yamuna Cruise Update: दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब उन्हें वाराणसी की तरह गंगा में चलने वाले क्रूज जैसा अनुभव अपनी ही राजधानी में मिलने वाला है। यमुना नदी पर क्रूज सेवा शुरू होने जा रही है, जिसका इंतजार अब खत्म होने वाला है। सरकार जल्द ही इसकी लॉन्चिंग डेट का ऐलान कर सकती है।
पहले इस क्रूज को 20 फरवरी को शुरू करने की योजना थी, लेकिन कुछ काम अधूरा रह जाने की वजह से इसमें देरी हो गई। अब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। क्रूज की पेंटिंग भी पूरी कर ली गई है और इस पर ‘नमो यमुना’ नाम लिखा गया है। सफेद और नीले रंग की यह आकर्षक नाव फिलहाल सोनिया विहार स्पोर्ट्स क्लब के पास खड़ी है।
Delhi Yamuna Cruise Update: सिर्फ एक घंटे का होगा सफर
इस क्रूज यात्रा की अवधि लगभग एक घंटे की होगी। यह सफर सोनिया विहार से शुरू होकर जगतपुर तक जाएगा। इस रूट की लंबाई करीब 5 किलोमीटर तय की गई है। इस दौरान यात्री यमुना के किनारों, घाटों और आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकेंगे। क्रूज की टिकट की कीमत करीब 500 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है। हालांकि बच्चों और वयस्कों के टिकट में कितना अंतर होगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां बोर्डिंग एरिया, टिकट काउंटर और वेटिंग जोन बनाए गए हैं। क्रूज के अंदर बैठने और खड़े होने की पर्याप्त व्यवस्था होगी। इसके अलावा यात्रियों को रिफ्रेशमेंट (खाने-पीने) की सुविधा भी मिलेगी। भविष्य में यहां वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की भी योजना है।
सुबह से शाम तक चलेगा क्रूज
सूत्रों के अनुसार, यह क्रूज सेवा रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि यह सेवा पूरे साल चलेगी, चाहे मौसम सर्दी का हो या गर्मी का। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह क्रूज एयर-कंडीशंड बनाया गया है, ताकि यात्रियों को आरामदायक अनुभव मिल सके। यह क्रूज लगभग 40 फुट लंबा है और इसे मुंबई की एक कंपनी ने तैयार किया है।
यह कैटामरन डिजाइन की नाव है, जो गहरे और उथले दोनों तरह के पानी में आसानी से चल सकती है। इसकी बनावट ऐसी है कि यात्रा के दौरान संतुलन बना रहता है, जिससे सफर सुरक्षित और आरामदायक होता है। यमुना में क्रूज सेवा शुरू होने से दिल्ली के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। यह न केवल स्थानीय लोगों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। आने वाले समय में यह दिल्ली की पहचान का एक अहम हिस्सा बन सकता है।






















