महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, डॉक्टरों ने स्टाफ क्वार्टर में छुपकर बचाई जान

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West Delhi News/ वविता चौहान : पूठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर हमला करने का प्रयास किया। चाकू और डंडे लेकर डॉक्टरों के पीछे दौड़ने के कारण डॉक्टरों को अपनी जान बचाने के लिए स्टाफ क्वार्टर में छिपना पड़ा। इस घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने ओपीडी, इमरजेंसी और वैकल्पिक सर्जरी समेत सेवाएं बंद कर दी हैं। अस्पताल आरडीए ने बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 12:15 बजे एक मरीज को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल की…

West Delhi News/ वविता चौहान : पूठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर हमला करने का प्रयास किया। चाकू और डंडे लेकर डॉक्टरों के पीछे दौड़ने के कारण डॉक्टरों को अपनी जान बचाने के लिए स्टाफ क्वार्टर में छिपना पड़ा। इस घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने ओपीडी, इमरजेंसी और वैकल्पिक सर्जरी समेत सेवाएं बंद कर दी हैं।

अस्पताल आरडीए ने बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 12:15 बजे एक मरीज को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल की आपातकालीन में लाया गया था। मरीज की दाहिनी जांघ में चाकू लगने से काफी रक्तस्राव हो रहा था। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक मरीज का उपचार किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और वह अचानक गिर पड़ा। इसके बाद अस्पताल में मरीज के परिजन और अन्य लोग एकत्र हो गए।

डॉक्टरों और स्टाफ पर डंडों व पत्थरों किया हमला

आरडीए का आरोप है कि भीड़ ने डॉक्टरों और स्टाफ पर डंडों व पत्थरों से हमला करने का प्रयास किया। कुछ लोग चाकू और डंडे लेकर डॉक्टरों के पीछे भी दौड़े। अपनी जान बचाने के लिए डॉक्टर और महिला स्टाफ भागकर स्टाफ क्वार्टर में पहुंचे। आरोप है कि भीड़ ने क्वार्टर में घुसने का प्रयास किया, दरवाजे पीटे और पत्थर भी फेंके। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि केवल एफआईआर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरा आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

अस्पताल आरडीए एडवाइजर ने अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही सेवाएं सामान्य करने पर विचार किया जाएगा।

महर्षि वाल्मीकि अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में उतरी आरडीए एमएएमसी

महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए), मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी)ने अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में एकजुटता जताई है। एसोसिएशन ने कार्यस्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा, पर्याप्त स्टाफ और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की है।

आरडीए, एमएएमसी ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार मरीजों की सेवा करते हैं। ऐसे में अस्पताल में उनके लिए सुरक्षित कार्यस्थल और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों के साथ किसी भी तरह की हिंसा न केवल उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।आरडीए का कहना है यदि डॉक्टरों की सुरक्षा और उनकी जायज मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो संगठन को आगे सामूहिक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

डॉ. नीरज आजाद यादव, उपाध्यक्ष, फोर्डा एवं अध्यक्ष, आरडीए एमएएमसी ने बताया कि डॉक्टर अस्पताल में मरीजों की जान बचाने और उन्हें बेहतर इलाज देने के लिए आते हैं, हिंसा का शिकार होने के लिए नहीं। डॉक्टर के साथ हुई मारपीट पूरी तरह अस्वीकार्य है हम अपने साथी डॉक्टर के साथ मजबूती से खड़े हैं

 

Sumant Chaudhary