छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में ग्राम चंद्रखुरी के एक मंदिर में 20 वर्षों से कैद भगवान राम को मुक्त कराने के लिए अमर वर्मा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी। उच्च न्यायालय ने अप्रैल में उत्तरवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सभी उत्तरवादियों की ओर से बुधवार को जवाब प्रस्तुत किया गया। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने प्रतिउत्तर पेश करने कोर्ट से समय दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है।
याचिका में कहा गया है कि रायपुर जिला के आरंग से लगे ग्राम चंद्रखुरी में भगवान श्रीराम का प्राचीन मंदिर है। यह स्थान माता कौशिल्या का मायका होने से भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। गांव के मालगुजार ने माता कौशिल्या एवं भगवान राम का मंदिर बनवाया था। मालगुजार परिवार ने गांव छोड़ने से पहले जमीन मंदिर को दान कर दी।
1997 तक मंदिर में पूजा अर्चना होती रही। अगस्त 1997 में गांव के रसूखदारों ने मंदिर में ताला लगा दिया। 1997 से मंदिर में बंद भगवान श्रीराम को मुक्त कराने के लिए गांव के अमर वर्मा ने अधिवक्ता अखंड प्रताप के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि राजस्व रिकार्ड में भगवान श्रीराम मंदिर शासकीय जमीन पर है। इसके अलावा इस मंदिर का पर्यटन की दृष्टि से महत्व है। याचिका में मंदिर में ताला लगाने वालों के अलावा, पंजीयक लोक न्यास एवं पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग को उत्तरवादी बनाया गया।


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