आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने केंद्र पर दिल्ली के लोगों के “अधिकार छीनने” का आरोप लगाया और कहा कि अध्यादेश को राज्यसभा में पारित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मुंबई में यशवंतराव चव्हाण केंद्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और केंद्र के नियंत्रण अध्यादेश के खिलाफ राकांपा का समर्थन मांगा। राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं के केजरीवाल के साथ पंजाब के सीएम भगवंत मान, आप सांसद राघव चड्ढा, दिल्ली की मंत्री आतिशी और अन्य नेता भी थे। दिल्ली के सीएम ने बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में नौकरशाहों के तबादलों और पोस्टिंग पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी दलों से समर्थन मांगने के लिए देशव्यापी दौरे की शुरुआत की।

उनका समर्थन मांगा
यह केंद्र सरकार द्वारा 19 मई को ‘स्थानांतरण पोस्टिंग, सतर्कता और अन्य प्रासंगिक मामलों’ के संबंध में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) के लिए नियमों को अधिसूचित करने के लिए एक अध्यादेश लाने के बाद आया है।अध्यादेश को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 में संशोधन करने के लिए लाया गया था और यह केंद्र बनाम दिल्ली मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को दरकिनार करता है। इससे पहले सीएम केजरीवाल ने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की और अध्यादेश के खिलाफ उनका समर्थन मांगा।


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