वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि अयोध्या मामले में उनकी पार्टी न्यायालय के फैसले का इंतजार करेगी। इस मसले में जल्दबाजी की कोई जरूरत नही है। श्री सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा ‘कांग्रेस ने यह कभी नहीं कहा कि वह राममंदिर निर्माण के विरोध में है। अयोध्या में मंदिर का ताला कांग्रेस के ही शासनकाल में खोला गया था। कांग्रेस इस संवेदनशील मसले के सर्वमान्य और मैत्रीपूर्ण समाधान की हिमायती है।’
कांग्रेस की प्रचार समिति के सदस्य ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन की उम्मीदें बरकरार है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस मंच साझा करेंगी। श्री सिंह ने कहा कि देश के करोड़ लोगों की तरह कांग्रेस के दिल में अयोध्या बसती है लेकिन इसके बारे में बात करना फिलहाल बेमानी है क्योंकि यह मसला अदालत में विचाराधीन है। उन्होने साफ किया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में अकेले चुनाव लडने का एलान करने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) लोकसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिये विपक्ष के महागठबंधन का हिस्सा बनेगी।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात बदतर होने का आरोप लगाते हुये कांग्रेसी सांसद ने मांग की कि राज्य की योगी सरकार से यदि प्रशासन नही संभल रहा है तो उसे जनता की भलाई के लिये ईमानदारी से इस्तीफा दे देना चाहिये। उन्होने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन पर दिन बिगड रही है। अपराध की दर तेजी से बढी है हालांकि इन हालात पर काबू पाने के बजाय सरकारी अमला हाथ पर हाथ दिये बैठा है।


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