बंगलोर: कर्नाटक में पीएम मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कांग्रेस के लिए नये शब्दों को खोज की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ‘पीपीपी कांग्रेस’ हो जायेगी। दरअसल पीएम मोदी का कहना था कि पीएम मोदी का कहना कहने का मतलब था कि ‘‘15 मई ( जब चुनाव नतीजा घोषित हो जाएगा ) के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस घटकर पीपीपी कांग्रेस यानी पंजाब , पुडुचेरी और परिवार कांग्रेस रह जाएगी।’’ पीएम मोदी ने यह बात गडग में आयोजित रैली में कही। उन्होंने शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व पर टिकटों, पार्टी पदों और यहां तक कि मुख्यमत्री पद की नीलामी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने भविष्यवाणी की कि राज्य की सत्तारुढ़ पार्टी इस चुनाव में मटियामेट हो जाएगी।
सीएम सिद्धारमैया का भी तगड़ा जवाब
पीएम मोदी के पीपीपी वाले बयान पर पलटवार करने में सीएम सिद्धारमैया ने भी देर नहीं लगाई। उन्होंने कहा भाजपा को प्रिजन (जेल), प्राइस राइज (मूल्य वृद्धि) और पकौड़ा पार्टी बता दिया। मोदी के हमले के बाद सिद्धरमैया ने एक ट्वीट में कहा , ‘‘ प्रिय मोदीजी , सुना है आपने आज नया संक्षिप्त नाम पीपीपी दिया। श्रीमान, हमने हमेशा डेमोक्रेसी (लोकतंत्र ) के तीन पी – ऑफ द पीपुल , बाय द पीपुल , फोर द पीपुल ( जनता का , जनता के लिए , जनता के द्वारा ) की हिमायत की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जबकि, आपकी पार्टी प्रिजन, प्राइस राइज और पकौड़ा पार्टी है। क्या मैं सही हूं, महोदय?’’
गौरतलब है कि कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के लिये 12 मई को वोट डाले जायेंगे और नतीजे 15 मई को आयेंगे। दक्षिण भारत के इस चुनाव को बीजेपी और कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है। कर्नाटक के नतीजे इन राज्यों पर भी असर डाल सकते हैं। कर्नाटक में इस समय कांग्रेस की सरकार है और पीएम मोदी वहां पर चुनाव प्रचार के केंद्र में हैं। इस लिहाज से मोदी सरकार और कर्नाटक के सिद्धारमैया सरकार के कामों के बीच की भी तुलना की जा रही है।
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