न्याय की मांग को लेकर घटनास्थल पर धरने पर बैठे कांग्रेसी

Summary :

Congress News : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला पीजी की इमारत ढहने के लिए दिल्ली में भाजपा का भ्रष्ट सिस्टम जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पीजी की इमारत ढहने में 7 बच्चों की मौत हो चुकी है। यादव ने पूछा कि 40 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत के नीचे बेसमेंट में पानी भर जाने के बाद बिना सुरक्षा इंतजाम के बेसमेंट में मरम्मत करने की इजाजत किसने दी? यह पूरी तरह प्रशासनिक गैरजिम्मेदाराना और भ्रष्टाचार का मामला है। न्याय की मांग को लेकर घटना स्थल…

Congress News : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला पीजी की इमारत ढहने के लिए दिल्ली में भाजपा का भ्रष्ट सिस्टम जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पीजी की इमारत ढहने में 7 बच्चों की मौत हो चुकी है। यादव ने पूछा कि 40 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत के नीचे बेसमेंट में पानी भर जाने के बाद बिना सुरक्षा इंतजाम के बेसमेंट में मरम्मत करने की इजाजत किसने दी? यह पूरी तरह प्रशासनिक गैरजिम्मेदाराना और भ्रष्टाचार का मामला है।

न्याय की मांग को लेकर घटना स्थल पर धरने पर बैठे प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही नही होती और घायल और मृतक छात्रों को न्याय नही मिलता सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। देवेन्द्र यादव ने मांग की कि सत्या निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढहने की जिम्मेदारी लेते हुए निगम आयुक्त इस्तीफा दें। धरने पर प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के साथ एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश उपाध्यक्ष तस्वीर सौलंकी, निगम में सदन के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, जिलाध्यक्ष महिन्द्र मंगला, गरवित सिंघवी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय निवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

पूर्व नेता सदन दिल्ली नगर निगम जितेंद्र कुमार कोचर ने कहा कि दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार है और जब से यह सरकार बनी है यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले राजेंद्र नगर में, मुखर्जी नगर, लाडो सराय, हौजरानी गांव में अग्निकांड जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। इन सभी हादसों के लिए दिल्ली नगर निगम पूरी तरह से ज़िम्मेदार है।

सरकार ने भले ही इसमें एमसीडी के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया हो,लेकिन उससे कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला। चार-छह महीने बाद उन्हें बहाल कर दिया जाएगा और अवैध निर्माण फिर शुरू हो जाएगा। सरकार वास्तव में इस अवैध निर्माण को रोकना चाहती है तो शख्स से सख़्त कानून बनाने की जरूरत है सख्त सजा का प्रधान इसमें रखने की जरूरत है।

Sumant Chaudhary