South West District Crime News : ऑनलाइन कमाई और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाने वाले साइबर ठगों का एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क दिल्ली पुलिस की साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि ठगी का शिकार बने एक छात्र की पूरी 4.29 लाख की रकम पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने से पहले ट्रेस कर उसके बैंक खाते में वापस करा दी। साथ ही राजस्थान और मध्य प्रदेश में फैले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरेश कुमार यादव (28), पूरन मल यादव (36), अर्शन मोहम्मद (22), गुफरान कुरैशी (23), अभिजीत पाटीदार (19) और आर्यन राठौर (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल और एटीएम पैसे निकालते समय पहने गए कपड़े बरामद किए है।
डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि आरोपियों को एसीपी संघमित्रा के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में एसआई अमित कुमार, हेड कांस्टेबल संजय, लोकेश, राकेश और सचिन की टीम ने पकड़ा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पीड़ित एक छात्र है, जिसने अधिक मुनाफे के लालच में अपनी मां, पिता और बहन के बैंक खातों से थोड़ी-थोड़ी रकम निकालकर कथित क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश कर दी। शुरुआत में ठगों ने उसे व्हाट्सएप पर फर्जी अमेजन प्रमोशनल टास्क के जरिए छोटे-छोटे भुगतान कर भरोसे में लिया।
वहीं, इसके बाद उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर कॉइनबेस के नाम पर तैयार किए गए फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया गया। स्क्रीन पर लगातार नकली मुनाफा दिखाकर उससे लाखों रुपये जमा करा लिए गए जब छात्र ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने अकाउंट फ्रीज होने, एक्टिवेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और टैक्स के नाम पर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। तब उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने एनसीआरबी पर शिकायत दर्ज कराई। राजस्थान में खुलते थे म्यूल खाते, मध्य प्रदेश से निकलती थी ठगी की रकम
बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन, डिजिटल ट्रेल और एटीएम सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि गिरोह ने काम को अलग-अलग हिस्सों में बांट रखा था।
राजस्थान में म्यूल बैंक खाते खुलवा कर उसके दस्तावेज और सिम उपलब्ध कराए जाते थे, जबकि मध्य प्रदेश में बैठे सदस्य उन्हीं खातों से एटीएम के जरिए ठगी की रकम निकालते थे। पुलिस ने इस मामले में सुरेश कुमार यादव, पूरण मल यादव, अर्शन मोहम्मद, गुफरान कुरैशी, अभिजीत पाटीदार और आर्यन राठौर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से छह मोबाइल फोन, आपत्तिजनक चैट, डिजिटल साक्ष्य और एटीएम निकासी के दौरान पहने गए कपड़े बरामद हुए हैं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की पहचान में जुटी है।



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