Cyber fraud : सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने देशभर में सक्रिय साइबर ठगों को बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान संजय (30), कुलदीप गोले (32), निर्दोष बिडलान (24) और दीपक बिश्नोई (20) के रूप में हुई है।
इनमें से दो आरोपी हरियाणा और राजस्थान से जुड़े अंतरराज्यीय सप्लायर बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक्टिव पीओएस टर्मिनल, डेबिट कार्ड, चेक बुक, बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि यह गिरोह साइबर अपराधियों को शेल कंपनियों के नाम पर बैंक खाते, बैंकिंग किट और पीओएस मशीनें उपलब्ध कराता था।
इन खातों का उपयोग निवेश ठगी, फर्जी नौकरी, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को ट्रांसफर, लेयरिंग और सफेद बनाने के लिए किया जाता था। मामले की जांच के दौरान एसआई गौरव सिंह, एचसी भारत, कांस्टेबल धर्मेंद्र और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने पहाड़गंज स्थित कृष्णा होटल में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एजेंटों को 2 से 4 प्रतिशत अतिरिक्त दिया जाता था कमीशन
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह नकली किरायानामों के आधार पर एसजी एंटरप्राइजेज, जीएम एंटरप्राइजेज और एचएम ट्रेडर्स जैसी शेल फर्में बनाकर उनके नाम पर करंट अकाउंट खुलवाता था। बाद में इन खातों और पीओएस टर्मिनलों के जरिए साइबर ठगी की रकम को विभिन्न चरणों में घुमाकर वैध लेनदेन का रूप दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि खाते उपलब्ध कराने वालों को करीब 8 प्रतिशत और एजेंटों को 2 से 4 प्रतिशत अतिरिक्त कमीशन दिया जाता था।
तकनीकी जांच में जब्त खातों के लिंक कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज कई साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़े पाए गए हैं। चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मनी ट्रेल की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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