Delhi : आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के बवाना इलाके में रविवार दोपहर नहर में नहाने के दौरान तीन दोस्त अचानक गहरे पानी में डूब गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें डूबते हुए देखा तो तुरंत रस्सी फेंक कर किसी तरह एक युवक को बचा लिया, लेकिन अन्य दो युवक में डूब गए। रविवार से ही दोनों की तलाश जारी है।
दमकल, दिल्ली बोट क्लब और NDRF की टीमें दोनों युवकों को तलाशने में जुटी हैं। पुलिस के मुताबिक, नहर में डूबकर लापता हुए युवकों की पहचान 20 वर्षीय सत्यम और 19 वर्षीय प्रशांत पांडेय के तौर पर हुई है। सत्यम मूल रूप से बहरिया, प्रयागराज यूपी का रहने वाला है, जबकि प्रशांत कुंडा, प्रतापगढ़ यूपी का रहने वाला है।
जवान बेटों के नहर में डूबने की खबर के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन बेटों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक सत्यम अपने परिवार के साथ दुर्गा चौक, प्रेम नगर, किराड़ी इलाके में रहता है। इसके परिवार में पिता लल्लू राम सोनी, मां सरोज देवी के अलावा बड़ा भाई शिवम और एक बहन मोनिका है।
सत्यम इलाके में झाड़ू सप्लाई करने का काम करता है। प्रशांत सत्यम के ही इलाके में रहता है। इसके परिवार में पिता गिरिजा रामा शंकर पांडेय, मां, छोटा भाई प्रशांत और बहन प्राची है। प्रशांत का अपने पिता के साथ शटरिंग का काम है। वहीं इनका तीसरा दोस्त मनीष तिवारी भी किराड़ी इलाके में ही रहता है। रविवार दोपहर तीनों दोस्त बवाना नहर में नहाने के लिए आए थे।
तीनों सत्यम की स्कूटी से बवाना नहर, हनुमान मंदिर के पास पहुंचे। सूत्रों की माने तो तीनों ही दोस्तों को तैरना नहीं आता था। नहाने के दौरान तीनों गहरे पानी में जाकर डूबने लगे तो बचाने के लिए आवाज लगाई। बाहर मौजूद लोगों ने उन्हें डूबता हुआ देख तुरंत शोर मचा दिया। लोगों ने पास पड़ी रस्सी उठाकर नहर में फेंकी और किसी तरह मनीष को रस्सी के सहारे बाहर निकाल लिया, जब तक दोबारा रस्सी फेंकने की नौबत आता, सत्यम और प्रशांत पानी में समा चुके थे।
वहां मौजूद तैराक लड़को ने पानी में कूदकर उन्हें ढूंढने व बचाने की कोशिश की, मगर नाकाम रहे। जिसके बाद पुलिस व दमकल विभाग को घटना की सूचना दी गई। पुलिस के पीड़ित मनीष ने बताया कि वह अपने काम पर था। दोपहर के समय सत्यम ने उसे कॉल और पार्टी करने की बात कही। उसने मना किया तो प्रशांत ने उसे पार्टी करने के लिए मना लिया।
तीनों दोस्तों ने पहले एक होटल पर बैठकर खाना खाया। जिसके बाद वे हनुमान मंदिर के पास पहुंचे और कपड़े व मोबाइल स्कूटी की डिग्गी में रखकर नहर में नहाने चले गए। तभी यह हादसा पेश आया।
परिवार को रह गया बेटे का इंतजार
सत्यम के एक रिश्तेदार ने बताया कि दोपहर करीब 2.10 बजे सत्यम ने अपने पिता लल्लू राम सोनी के पास फोन किया था। पिता ने उससे घर आने के बारे में पूछा तो सत्यम ने कुछ देर बाद घर पहुंचने की बात कही। पिता व अन्य सदस्य उसका इंतजार ही कर रहे थे कि दोपहर बाद उनके पास बेटे के नहर में डूबने की खबर आई।
सत्यम और प्रशांत की डूबने की खबर से दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार रविवार दोपहर से देर शाम तक नहर किनारे बैठा रहा। रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के बाद दोबारा परिवार बवाना नहर के पास पहुंच गया। इस बीच उनके रिश्तेदार और बाकी परिजन भी बवाना नहर के पास पहुंच गए। सोमवार सुबह 9 बजे फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मगर देर शाम तक भी दोनों का कुछ पता नहीं चल सका है।
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