Delhi : द्वारका जिला पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार चल रहे दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस और अदालत को चकमा देकर दिल्ली में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे थे। इनमें से एक आरोपी एनडीपीएस एक्ट के गंभीर मामले में भगोड़ा घोषित किया जा चुका था, जबकि दूसरा विदेशी अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित था।
आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी सोमादिना हिलेरी आगस्टिन (36) और स्टेनली एनेकवे (36) के रूप में हुई है। दोनों अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए उन्हें पकड़ना चुनौती बना हुआ था।
डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एसीपी सुभाष मलिक की देखरेख में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व वाली एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीम ने की। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी गंभीर अपराधों में जेल जा चुके हैं। इनमें हेरोइन तस्करी जैसे संगीन मामले भी शामिल हैं।
आरोपी रह रहे थे पहचान छिपाकर
जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों ने अदालत में पेश होना बंद कर दिया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बदल लिए थे और स्थानीय स्तर पर पहचान छिपाकर उत्तम नगर क्षेत्र में रह रहे थे, जहां अफ्रीकी मूल के लोगों की बड़ी आबादी निवास करती है।
इसी का फायदा उठाकर वे लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचे रहे। हाल ही में एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों का पता लगाया और उत्तम नगर थाना क्षेत्र से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनके दस्तावेजों और दिल्ली में रहन-सहन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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