‘गैस कनेक्शन बंद होने’ का मैसेज बना साइबर ठगी का जाल, चार राज्यों में फैले गिरोह का पर्दाफाश

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Cyber ​​fraud : अगर आपके मोबाइल पर गैस कनेक्शन बंद होने का मैसेज आए और किसी नंबर पर कॉल करने या कोई ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाए तो सावधान हो जाएं। ऐसा करना आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोहम्मद साहिल, मोहम्मद रहीम, मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, टाटा हैरियर कार, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने…

Cyber ​​fraud : अगर आपके मोबाइल पर गैस कनेक्शन बंद होने का मैसेज आए और किसी नंबर पर कॉल करने या कोई ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाए तो सावधान हो जाएं। ऐसा करना आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है।

दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोहम्मद साहिल, मोहम्मद रहीम, मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, टाटा हैरियर कार, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।

पुलिस ने बताया कि पीड़िता के मोबाइल पर मैसेज आया था कि उसका आईजीएल गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। मदद के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए एक एपीके फाइल भेजी।

जैसे ही पीड़िता ने उसे डाउनलोड किया, साइबर अपराधियों ने उसके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड से करीब 2.64 लाख रुपये निकाल लिए। एसीपी ऑपरेशन संगमित्रा की देखरेख में इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व एसआई जगदीप सहित अन्य पुलिस कर्मियों की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की।

ठगी की रकम से खरीदे जाते थे ऑनलाइन महंगे मोबाइल फोन

जांच में पता चला कि ठगी की रकम से ऑनलाइन महंगे मोबाइल फोन खरीदे गए थे। डिलीवरी का पता शाहीन बाग का मिला, जहां से एक व्यक्ति को पकड़ा गया। उसने खुलासा किया कि वह कमीशन लेकर साइबर ठगों के लिए पार्सल रिसीव कर कोलकाता भेजता था। इसके बाद पुलिस ने कोलकाता और झारखंड में छापेमारी कर मोहम्मद साहिल, मोहम्मद रहीम, मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि गिरोह का एक हिस्सा लोगों को फर्जी मैसेज भेजता था, दूसरा APK के जरिए मोबाइल हैक करता था, तीसरा ऑनलाइन महंगे सामान खरीदवाता था और चौथा उन्हें बेचकर ठगी की रकम को सफेद करता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।

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Avinay