नई दिल्ली : दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) द्वारा राजधानी के 4041 स्कूलों का मूल्यांकन प्रोजेक्ट दिल्ली की स्कूली शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का ताजा उदाहरण है। उक्त बातें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को दिल्ली हार्ट, जनकपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं।
4041 स्कूलों का मूल्यांकन कार्य पूरा होने के अवसर पर डीसीपीसीआर द्वारा आयोजित इस उत्सव समारोह में सिसोदिया ने कहा कि इस तरह के आकलन को लेकर सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। वहीं सिसोदिया ने कहा कि राज्यों को छोड़ दें तो दुनिया भर में ऐसे बहुत कम देश हैं जो अपने स्कूलों का आकलन करने की हिम्मत रखते हैं। जहां प्रत्येक नागरिक अपने बचपन के 6 से 8 घंटे बिताता है वह स्कूल गुणवत्ता मापदंडों पर कहां खड़ा है।
यह सुनिश्चित करना जरूरी है। इसे एक राष्ट्र के रूप में समझना महत्वपूर्ण है। ज्ञात हो कि शिक्षा निदेशालय के सहयोग से डीसीपीसीआर द्वारा हाल ही में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी, एनडीएमसी और दिल्ली केंटोनमेंट बोर्ड के स्कूलों का स्कूल डेवलपमेंट इंडेक्स के तहत मूल्यांकन किया गया है। बच्चों की सुरक्षा, पढ़ाई और सामाजिक समावेश के आधार पर किए गए इस मूल्यांकन के प्रति सभी स्कूलों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। वहीं शिक्षा निदेशालय ने कहा कि इससे उन्हें स्कूलों में सामने आई खामियों को दूर करने में सहायता मिलेगी।


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