नई दिल्ली : दिल्ली में अपने आशियाने की आस लगाये बैठे लोगों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से बड़ी सौगात मिली है। डीडीए ने आवासीय स्कीम 2019 की घोषणा कर दी है। इस योजना में लगभग 10,370 फ्लैट होंगे जिनके लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन भरे जाएंगे। प्राधिकरण अगले एक-दो दिन में विज्ञापन के माध्यम से आवेदन की तारीख की घोषणा कर देगा।
इस बारे में डीडीए के अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल एवं डीडीए के अध्यक्ष अनिल बैजल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में आवासीय स्कीम 2019 को स्वीकृति दे दी गई। इस योजना के तहत राजधानी के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग श्रेणियों के लगभग 10,370 फ्लैट हैं। ये फ्लैट निर्माणाधीन हैं जिनमें जल आपूर्ति तथा एसटीपी का काम बाकी है जो जुलाई, 2019 तक पूरा कर लिया जायेगा।
वन बैडरूम आवंटियों को मिली 50 प्रतिशत मैंटेनेंस छूट
बोर्ड बैठक में डीडीए की आवासीय योजना 2014 और 17 के आवंटियों को भी मैंटेनेंस शुल्क में छूट दी गई। आवासीय योजना-2014 में द्वारका, रोहिणी, नरेला और सिरसपुर में 10748 फ्लैट तथा आवासीय योजना 2017 में रामगढ़ काॅलोनी में 3364 फ्लैट आबंटित किए गए थे। इनके आवंटी फ्लैट का आकार छोटा और कीमत अधिक होने को लेकर डीडीए से शिकायत कर रहे थे।
इनकी समस्या को मद्देनजर रखते हुए अब मैंटेनेंस शुल्क पर 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। यह 50 प्रतिशत मैंटेनेंस शुल्क फ्लैट की लागत के शेष 10 प्रतिशत में एडजस्ट किया जाएगा।
…बना सकेंगे दो फ्लैट
बैठक में नरेला जी-2 एवं जी- 8, रोहिणी सेक्टर 34 एवं 35, रामगढ़ काॅलोनी और सिरसपुर स्थित एक बेड-रूम फ्लैटों के आबंटियों को दो इकाइयों को एक साथ मिलाने की अनुमति के साथ नजदीक पड़े खाली वन बेडरूम फ्लैटों के लिए आवेदन भी कर सकते हैं। इसके लिए वही लोग आवेदन कर सकते हैं जिनके पास फ्लैट खाली और उपलब्ध हों।
मैंटेनेंस शुल्क भी घटा
बोर्ड बैठक में शिवाजी मार्ग स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटियों को भी मैंटेनेंस शुल्क में बडी राहत दी गई। इन लोगों को अब केवल 50,000 रुपये मैंटेनेंस शुल्क जमा करना होगा। यहां बता दें कि आवासीय योजना 2014 में शिवाजी मार्ग पर 772 ईडब्ल्यूएस फ्लैट आबंटित किए गए थे। इस स्कीम के आरंभ के समय फ्लैट की कीमत 6.9 लाख से 11.00 लाख रूपये थी और लेकिन अब 19.30 लाख रुपये के लिए मांग-पत्र जारी किए गए हैं। आवंटियों ने एक बार में 7.78 लाख रुपये का भुगतान करके कब्जा लेने की असमर्थता व्यक्त की। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
लागत निर्धारण के मानदंडों में मिली रियायत
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से डीडीए ने निर्माण के समय विभागीय प्रभारों और ब्याज में छूट देकर अपनी नई स्कीमों के अंतर्गत आबंटित किए जाने वाले ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की लागत को काफी हद तक कम कर दिया है। इससे प्रति फ्लैट लागत में कम से कम लगभग 2.50 लाख रुपये की कमी आएगी। इसके अलावा डीडीए ने एक बार में लिए जाने वाले रखरखाव प्रभारों को 50 प्रतिशत तक कम कर दिया है।
6968 करोड़ के बजट से सुधरेगी दिल्ली
बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए लगभग 6968 करोड़ रुपये का बजट व्यय निर्धारित किया गया है जो वर्ष 2018-19 के संशोधित बजट अनुमान 5651 करोड़ से 23.30 प्रतिशत अधिक है। इनमें आवासों एवं दुकानों के निर्माण पर 3022 करोड़ रुपये, भूमि के अधिग्रहण और बढ़े हुए 466 करोड़ रुपये, मुआवजे का भुगतान, भूमि के विकास और 2319 करोड़ रुपये, संस्थापना एवं विविध व्यय1161 करोड़ रुपये खर्च किया जायेंगे। वहीं 2019-20 के लिए लगभग 5477 करोड़ रुपये की बजट प्राप्तियां रखी गई हैं।
नये साल की नई स्कीम
2019-20 के बजट में 19 नई योजनाएं और 15 नई आवासीय और संबधित विकास कार्य आरम्भ की जायेंगे। जिनमें दिल्ली को विश्व स्तरीय शहर के रूप में विकसित करने की योजनाएं हैं। इसके तहत द्वारका में खाली पड़े 200 हेक्टेयर को विकसित करने के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध को तैयार किया जा रहा है। साथ ही रोहिणी, सीबीडी शाहदरा और मयूर विहार में सामाजिक सांस्कृतिक केन्द्रों का निर्माण किया जायेगा। नेहरू प्लेस, भीकाजी कामा प्लेस और बसंत लोक समाज सदनों की रेट्रोफिटिंग की जायेगी।


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