ट्रेड लाइसेंस और सम्पति कर को लिंक करने का पोर्टल अब तक अपडेट नहीं : देवेन्द्र यादव

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Delhi : ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण और संपत्ति कर जमा न होने की परेशानी को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का कहना है कि ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण और संपत्ति कर जमा न होने की परेशानी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष रखने के बावजूद दिल्ली के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कोई राहत नही मिली है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पिछले ढाई महीनों से दिल्ली नगर निगम का पोर्टल अपडेट न होने के कारण व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण नही हो पा रहा है, जिससे व्यापारियों…

Delhi : ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण और संपत्ति कर जमा न होने की परेशानी को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का कहना है कि ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण और संपत्ति कर जमा न होने की परेशानी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष रखने के बावजूद दिल्ली के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कोई राहत नही मिली है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली में पिछले ढाई महीनों से दिल्ली नगर निगम का पोर्टल अपडेट न होने के कारण व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण नही हो पा रहा है, जिससे व्यापारियों पर प्रतिदिन के जुर्माना और दुकानों को सील होने का खतरा मंडरा रहा है। निगम द्वारा ट्रेड लाइसेंस को सं‌पत्तिकर से जोड़ने का फैसला लागू करने के बाद पोर्टल अपडेट न होने पर ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण का काम रुक गया है।

“ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण करने के लिए पोर्टल अपडेट का इंतजार कर रहे…”

भाजपा शासन के दौरान दिल्ली सरकार या दिल्ली नगर निगम के विभागों का कामकाज या तो पूरी तरह ठप्प पड़ा है या अपडेट और तब्दीली के नाम पर काम नही हो रहा है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में होटल, रेस्टोरेंट जिम, कैफे, डेयरी, अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज सहित लाखों व्यवसायिक प्रतिष्ठान ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण करने के लिए पोर्टल अपडेट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि सीलिंग और जुर्माने से बच सकें।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस शुल्क के एकीकरण के संपत्ति कर पोर्टल में अपडेट की प्रक्रिया के बाद व्यापारियों से नवीनीकरण शुल्क के साथ जुर्माना न लिया जाए क्योंकि देरी के कारण व्यापारियों पर 500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगने और उनकी दुकान सील होने डर उन्हें सता रहा है।

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Avinay