Delhi DTC bus Strike : दिल्ली में 5 हजार बसें ठप, सड़कों पर बेहाल 40 लाख यात्री, मेट्रो पर बढ़ा दबाव

Summary :

DTC बस ड्राइवर्स अलग अलग टर्मिनल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। नाम गुप्त रखने की शर्त पर धरने पर बैठे एक ड्राईवर ने पंजाब केसरी के संवाददाता से बताया कि DTC के अधिकतर बस ड्राइवर्स डेली वेज पर काम करते हैं। उन्हें हर दिन के हिसाब से 862 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा उन्हें किसी तरह की सुविधा नहीं है।

Delhi DTC bus Strike

Delhi DTC bus Strike : आज भी दिल्ली में DTC बस ड्राइवरों की हड़ताल जारी है. बता दें हड़ताल कल यानी 16 सितंबर से शुरू हुई है, जिसमें ड्राइवर्स संघ की ख़त्म होने की तारीख निश्चित नहीं की गई है। हड़ताल का आज दूसरा दिन है मगर दो दिनों के भीतर आम कम्युटर्स को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगभग पूरी दिल्ली में बस सेवाएं लगभग ठप पड़ गई है। साथ ही बस से जाने वाले यात्रियों को पैदल जाना पड़ रहा है।

इस चलते दिल्ली मेट्रो में भारी भीड़ देखने को मिली है। बता दें दिल्ली में रोजाना 40 लाख कम्यूटर्स सफ़र करते हैं जो 5000 से अधिक बसों के दिल्ली की सड़कों पर न उतरने से दिनभर बेहाल दिखे। दिल्ली बस ड्राइवर्स की हड़ताल के चलते यात्रियों के काम काज पर फर्क पड़ा है।

क्या है ड्राइवरों की मांग?

Delhi DTC bus Strike

बता दें, DTC बस ड्राईवर अपनी सैलरी को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा अच्छी मेडिकल सुविधा और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर ड्राइवर सड़कों पर उतर आए हैं। DTC बस ड्राइवर्स अलग अलग टर्मिनल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। नाम गुप्त रखने की शर्त पर धरने पर बैठे एक ड्राईवर ने पंजाब केसरी के संवाददाता से बताया कि DTC के अधिकतर बस ड्राइवर्स डेली वेज पर काम करते हैं। उन्हें हर दिन के हिसाब से 862 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा उन्हें किसी तरह की सुविधा नहीं है।

डिपो पर रुकी बसें और यात्रियों की परेशानी

बुराड़ी, नांगलोई, रेवला खानपुर, जीटीके, वजीरपुर, नेहरू प्लेस और शादिपुर जैसे बड़े डिपो में बड़ी संख्या में बसें खड़ी दिखी साथ ही सभी ड्राइवर इन जगहों पर एक जुट होकर अपना विरोध जता रहे हैं। कुछ जगहों पर चालू बसों को भी बीच सड़क पर रोक दिया गया और यात्रियों से उतरने को कहा गया। लोगों को इस परेशानी को झेलने के बाद मेट्रो , या ऑटो की सहायता लेनी पड़ रही है।

छात्र, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है क्योंकि डीटीसी की बसें उनके रोजमर्रा के सफर का मुख्य जरिया हैं। बसों की हड़ताल के बाद मेट्रो स्टेशन पर लोगों की काफी लंबी कतारें देखने को मिली साथ ही लोगों को भीड़भाड़ का सामना करना पड़ा। वहीं ऑटो – रिक्शा वाले भी मौके का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। वे यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।