Delhi Factory Fire: चंदन होला की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दमकल की 9 गाड़ियों ने पाया काबू

Summary :

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से आग लगने की कई खबरे सामने आ आई हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के चंदन होला में पंजाब नेशनल बैंक के पास एक फैक्ट्री में रविवार तड़के अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि रात को 2:11 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने आग पर काबू पाने की कड़ी मशक्कत की। आग तेजी से फैक्ट्री में फैली और अंदर के सारे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। ‘मेक-4’ श्रेणी की भीषण आग शुरुआत में दमकल विभाग ने दो वाटर टेंडर और…

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से आग लगने की कई खबरे सामने आ आई हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के चंदन होला में पंजाब नेशनल बैंक के पास एक फैक्ट्री में रविवार तड़के अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि रात को 2:11 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने आग पर काबू पाने की कड़ी मशक्कत की। आग तेजी से फैक्ट्री में फैली और अंदर के सारे सामान को अपनी चपेट में ले लिया।

‘मेक-4’ श्रेणी की भीषण आग

शुरुआत में दमकल विभाग ने दो वाटर टेंडर और दो वाटर बाउज़र मौके पर भेजे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए दोपहर 2:40 बजे इसे बेहद गंभीर यानी ‘मेक-4’ श्रेणी की आग घोषित कर दिया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की कुल 9 गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया और कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ; फिलहाल अधिकारी फैक्ट्री में हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

चार दिन पहले उत्तम नगर के शोरूम में लगी आग

दिल्ली के उत्तम नगर में भी चार दिन पहले एक शोरूम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया था। करीब 350 वर्ग गज में फैले शोरूम की पूरी बिल्डिंग को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में शोरूम के अंदर रखा लाखों रुपये का कीमती इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सामान जलकर राख हो गया था।

फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल

राजधानी में लगातार हो रही आग की घटनाओं ने फायर सेफ्टी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में विशेषज्ञों का साफ मानना है कि ऐसी अनहोनी को रोकने के लिए अब सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों और गोदामों का नियमित रूप से कड़ा सुरक्षा ऑडिट होना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही, समय-समय पर अग्निशमन उपकरणों की जांच और किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए मजबूत व सुरक्षित एग्जिट का होना अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि मासूम जिंदगियों और लाखों के नुकसान को बचाया जा सके।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।