Delhi दिल्ली बनेगा Traffic Free! ग्लोबल सिटी बनाने के लिए आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट और सख्त नियमों पर LG का जोर

Delhi Global City Vision

Delhi Global City Vision: दिल्ली को निवेश और पर्यटन के लिए वैश्विक स्तर का शहर बनाने में ट्रैफिक पुलिस की भूमिका बेहद अहम है। विश्वस्तरीय मोबिलिटी, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था किसी भी प्रतिस्पर्धी शहर की बुनियादी शर्त है। यह बात दिल्ली के उपराज्यपाल ने पश्चिमी दिल्ली के तोदापुर स्थित ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उपराज्यपाल ने तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि विकसित दिल्ली’ ही विकसित भारत के सपने को साकार करने की आधारशिला है। इसके लिए ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से लैस करना जरूरी है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के डिजिटल एन्फोर्समेंट सिस्टम की प्रगति की समीक्षा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि एआई आधारित सिस्टम से 24 घंटे पारदर्शी निगरानी और पीक आवर्स में वैज्ञानिक तरीके से ट्रैफिक मैनेजमेंट संभव होगा।

सुचारू यातायात के लिए निर्देश

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि ट्रैफिक जाम से न केवल लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण भी बढ़ता है। इसे रोकने के लिए उपराज्यपाल ने गलत दिशा में वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, लेन जंपिंग, लापरवाही से ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल ने सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि संवेदनशील और जाम वाले इलाकों में पुलिस की सक्रिय तैनाती से नियम उल्लंघन पर अंकुश लगेगा और यातायात सुचारू रहेगा। साथ ही उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की छवि को सकारात्मक बनाने के लिए जनता से संवाद और आउटरीच कार्यक्रम बढ़ाने की भी बात कही।

संसाधनों का सुदृढ़ीकरण

बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन को साझा जिम्मेदारी बताते हुए आरडब्ल्यूए और मार्केट ट्रेड एसोसिएशनों (एमटीएस) की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, उपराज्यपाल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पार्किंग और जाम की समस्याओं के समाधान में इनकी भूमिका अहम हो सकती है। वहीं, युवाओं के सुझावों और तकनीकी समझ को भी ट्रैफिक सुधार में शामिल करने की बात कही गई। इस दौरान उपराज्यपाल को पुलिस कंटिंजेंट ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उन्होंने ‘ट्रैफिक प्रहरी’ स्वयंसेवकों को सम्मानित किया और आपदा प्रबंधन वाहनों के साथ महिला ट्रैफिक कर्मियों के लिए स्कूटरों को हरी झंडी दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि इससे आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और फील्ड मोबिलिटी में सुधार होगा। बैठक में डिजिटल चालान प्रणाली की भी समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से पारदर्शी प्रवर्तन सुनिश्चित होगा और लोगों में स्वतः अनुशासन की भावना विकसित होगी।

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