Delhi GRAP-2: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को लागू कर दिया है। सोमवार को दिल्ली का AQI 324 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण बढ़ने के कारण आयोग ने यह फैसला लिया है।
मौसम की खराब स्थिति के चलते दिल्ली की हवा में प्रदूषण बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्लीवासियों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम है। अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है।
3 दिन में तेजी से बिगड़ी दिल्ली की हवा
अक्टूबर के आखिरी दिन तक दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ठीक थी, लेकिन नवंबर शुरू होते ही प्रदूषण तेजी से बढ़ने लगा। सीएक्यूएम के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का AQI 117 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
इसके बाद 1 नवंबर को AQI बढ़कर 261 हो गया और हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। वहीं, 2 नवंबर को प्रदूषण और बढ़ा। इस दिन AQI 324 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
कुछ ही दिनों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। आयोग के मुताबिक, मौसम की खराब स्थिति भी प्रदूषण बढ़ने की एक बड़ी वजह है।
GRAP-2 लागू होने के बाद क्या होगा?
- दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए GRAP के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को लागू किया गया है। यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत प्रदूषण बढ़ने पर उसे कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाते हैं।
- GRAP-2 का मकसद हवा में प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना है। इसके तहत संबंधित विभागों और एजेंसियों को तय नियमों का पालन करना होता है।
- इस दौरान निर्माण कार्यों, सड़कों से उड़ने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण रखने के प्रयास किए जाते हैं। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले अन्य कारणों को कम करने के लिए भी कदम उठाए जाते हैं।
मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी?
- सीएक्यूएम ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों के लिए चिंता जताई गई है।
- दोनों संस्थानों के अनुमान के अनुसार, दिल्ली की हवा फिलहाल बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है। इसका मतलब है कि राजधानी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अभी प्रदूषण से जल्द राहत मिलने की संभावना कम है।
- ऐसे में प्रशासन के सामने प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होगी। आयोग ने स्थिति को देखते हुए GRAP-2 के उपाय लागू किए हैं, ताकि हवा की गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोका जा सके।
AQI के हिसाब से लागू होते हैं GRAP के 4 चरण
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर के आधार पर GRAP को चार चरणों में बांटा गया है। हर चरण में प्रदूषण को कम करने के लिए अलग-अलग नियम लागू किए जाते हैं।
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GRAP-1: जब AQI 201 से 300 के बीच होता है, तब पहला चरण लागू होता है। इसे खराब श्रेणी माना जाता है।
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GRAP-2: AQI 301 से 400 के बीच होने पर दूसरा चरण लागू होता है। इस स्थिति में हवा बहुत खराब होती है।
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GRAP-3: AQI 401 से 450 के बीच पहुंचने पर तीसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें प्रदूषण कम करने के लिए कड़े कदम उठाए जाते हैं।
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GRAP-4: AQI 450 से ऊपर जाने पर चौथा चरण लागू होता है। यह प्रदूषण की गंभीर स्थिति होती है, जिसमें सबसे कड़े उपाय किए जाते हैं।
लोगों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से परेशान लोगों को खराब हवा से बचने के लिए ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
फिलहाल GRAP-2 लागू होने के बाद प्रशासन प्रदूषण को कम करने और हवा को साफ करने के लिए कदम उठाएगा। आने वाले दिनों में मौसम और AQI के स्तर से पता चलेगा कि प्रदूषण से राहत मिलेगी या इससे निपटने के लिए और सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।
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