ED Raids Narnaul Liquor Trader: हरियाणा के नारनौल में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब कारोबारी अंकुश गोयल के घर पर छापेमारी की। गुरुनानक पुरा मोहल्ले में स्थित उनके आवास पर पहुंची टीम सुबह करीब 9 बजे से जांच कर रही है। ईडी के अधिकारी घर में मौजूद दस्तावेजों और कारोबारी के पैसों के लेन-देन की जांच कर रहे हैं। ईडी की टीम दो गाड़ियों में अंकुश गोयल के आवास पर पहुंची। इसके बाद अधिकारियों ने घर के अंदर जांच शुरू कर दी। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जांच के दौरान किन दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया गया है और क्या किसी अन्य स्थान पर भी छापेमारी की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जानकारी में शराब कारोबारी अंकुश गोयल का संपर्क गैंगस्टर चीकू से होने की बात सामने आ रही है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाए जाने की संभावना है। लेकिन, कारोबारी और गैंगस्टर के बीच संपर्क को लेकर अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं।
गुरुग्राम में अवैध शराब के मामले से भी जुड़ रहे तार
ED की इस कार्रवाई को साल 2025 में गुरुग्राम में पकड़ी गई अवैध विदेशी शराब के मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मामले में भी अंकुश गोयल का नाम सामने आया था। बताया जा रहा है कि कारोबारी का मुख्य व्यापार गुरुग्राम में भी फैला हुआ है।
ऐसे में जांच एजेंसी उनके कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। लेकिन, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा छापेमारी सीधे तौर पर 2025 के मामले से संबंधित है या जांच के दौरान किसी अन्य जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
घर के बाहर CISF के जवान तैनात
छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कारोबारी के आवास के बाहर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने परिसर को सील कर दिया है, जिससे बाहरी लोगों का अंदर जाना बंद कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, घर के अंदर मौजूद सदस्यों को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी रखी जा रही है।
ईडी के अधिकारी फिलहाल मामले की जांच में जुटे हुए हैं। जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किन आरोपों के तहत की गई है और कारोबारी के खिलाफ जांच का दायरा कितना बड़ा है।


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