Uttarakhand: आखिर कैसे गायब हुए वन विभाग के दफ्तर से 5 हाथी दांत? जांच में जुटे अधिकारी, घेरे में आए ये लोग

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Uttarakhand Elephant Tusks Missing: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित लालढांग रेंज कार्यालय से 35.41 किलोग्राम वजन के पांच हाथी दांत गायब हो गए हैं। 18 अक्टूबर को गिनती के दौरान मामला सामने आया। स्टोर शिफ्टिंग के दौरान दांत गायब होने की आशंका है। वन विभाग ने जांच समिति बनाई है और पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

Uttarakhand Elephant Tusks Missing: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में वन विभाग के एक कार्यालय से 5 हाथी दांत गायब होने से हड़कंप मच गया है।  इनका कुल वजन 35.41 किलोग्राम बताया गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस में भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह घटना लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के कार्यालय की है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि हाथी दांत कब और कैसे गायब हुए। जांच में कार्यालय के कर्मचारियों के साथ-साथ स्टोर को दूसरी जगह ले जाने में शामिल लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्देश पर उत्तराखंड के सभी वन रेंज कार्यालयों में जब्त और बरामद किए गए हाथी दांतों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान लालढांग रेंज कार्यालय में रखे हाथी दांतों की संख्या और सरकारी रिकॉर्ड का मिलान किया गया। कुछ दिन पहले कार्यालय का स्टोर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को हाथी दांतों की गिनती हुई। इस दौरान रिकॉर्ड में दर्ज संख्या और मौके पर मौजूद हाथी दांतों की संख्या में अंतर मिला। जांच में पता चला कि कुल 35.41 किलोग्राम वजन के पांच हाथी दांत गायब हैं। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

स्टोर शिफ्टिंग के दौरान गायब होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्टोर को दूसरी जगह ले जाते समय हाथी दांत गायब हुए होंगे। लेकिन, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वे कब और कैसे गायब हुए। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि स्टोर शिफ्ट करने के दौरान हाथी दांतों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि सामान की गिनती और उसका रिकॉर्ड तैयार किया गया था या नहीं। स्टोर को दूसरी जगह ले जाने के काम में कुछ स्थानीय ग्रामीण भी शामिल थे। उनसे पूछताछ की गई, लेकिन अभी तक हाथी दांतों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने जांच के लिए एक समिति बनाई है। इसकी अध्यक्षता हरिद्वार के डीएफओ कर रहे हैं। वहीं, लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ ने तीन कर्मचारियों से जवाब मांगा है। विभाग यह पता लगा रहा है कि हाथी दांतों को सुरक्षित रखने और उनकी निगरानी में कोई लापरवाही तो नहीं हुई। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि हाथी दांतों का रिकॉर्ड किसके पास था और उन्हें आखिरी बार कब देखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने भी शुरू की जांच

वन विभाग ने मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। पौड़ी जिले के यमकेश्वर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। अब इसे कोटद्वार थाने में भेजा जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी सर्वेश पंवार के मुताबिक, उनके निर्देश पर सोमवार को कोटद्वार की एसओजी और सीआईयू की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

फिलहाल वन विभाग और पुलिस दोनों अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि गायब हाथी दांतों का पता लगाया जाए और यह जानकारी मिले कि इस मामले में किसकी लापरवाही या भूमिका रही है।

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।