दिल्ली की बेटियों को आर्थिक ताकत! रेखा गुप्ता सरकार लाई ‘लखपति बिटिया योजना’

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Delhi News: दिल्ली की भाजपा सरकार ने बेटियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए एक नई और अहम योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली लखपति बिटिया योजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2008 से चल रही लाडली योजना को बंद करने का फैसला लिया गया है। नई योजना का उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। Delhi News: क्या है दिल्ली लखपति बिटिया योजना लखपति बिटिया योजना के तहत दिल्ली में जन्मी और दिल्ली…

Delhi News: दिल्ली की भाजपा सरकार ने बेटियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए एक नई और अहम योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली लखपति बिटिया योजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2008 से चल रही लाडली योजना को बंद करने का फैसला लिया गया है। नई योजना का उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

Delhi News: क्या है दिल्ली लखपति बिटिया योजना

लखपति बिटिया योजना के तहत दिल्ली में जन्मी और दिल्ली की निवासी बेटियों को ग्रेजुएशन पूरा करने पर कम से कम एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह राशि एकमुश्त दी जाएगी, जिससे बेटियां आगे की पढ़ाई, करियर या स्वरोजगार की शुरुआत कर सकें। इस योजना में हर परिवार की दो बेटियों को लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि बेटियां सिर्फ 12वीं तक सीमित न रहें, बल्कि उच्च शिक्षा हासिल करें।

Lakhapati Bitiya Yojana: कैसे मिलेगी राशि?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, पहले लाडली योजना में बेटियों को कुल 36 हजार रुपये अलग-अलग चरणों में मिलते थे। अब इस राशि को बढ़ाकर 56 हजार रुपये कर दिया गया है और ग्रेजुएशन पूरी होने पर यह रकम मैच्योर होकर न्यूनतम एक लाख रुपये हो जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशि की गणना चरणबद्ध तरीके से होगी, ताकि पढ़ाई के हर स्तर पर बेटियों को प्रोत्साहन मिलता रहे।

योजना की प्रमुख शर्तें

दिल्ली लखपति बिटिया योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:

  • बच्ची का टीकाकरण पूरा होना अनिवार्य है
  • बच्ची को मान्यता प्राप्त स्कूल और कॉलेज से पढ़ाई करनी होगी
  • यदि 18 वर्ष की उम्र से पहले विवाह किया जाता है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा
  • बच्ची और उसका परिवार दिल्ली का निवासी होना चाहिए
  • इन शर्तों का मकसद शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

सरकार पर कितना खर्च आएगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना पर अनुमानित रूप से 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि, यदि लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है और ज्यादा बजट की जरूरत पड़ती है, तो सरकार फंड बढ़ाने के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि बेटियों के भविष्य में निवेश करना प्राथमिकता है।

लाडली योजना क्यों की गई बंद?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि लाडली योजना में कई खामियां सामने आई थीं। जांच में पता चला कि करीब 1.86 लाख बेटियों की राशि बैंक में अनक्लेम्ड पड़ी रही और उन्हें पैसा मिल ही नहीं पाया। सरकार ने एक विशेष अभियान चलाकर एक साल में करीब 30 हजार बच्चियों को खोजा और उन्हें लगभग 90 करोड़ रुपये की राशि दी।

इसके अलावा, हाल ही में 41 हजार और बच्चियों की पहचान की गई है, जिन्हें करीब 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इन्हीं कारणों से सरकार ने पुरानी योजना को बंद कर एक नई, ज्यादा प्रभावी योजना शुरू करने का फैसला लिया।

बेटियों के भविष्य की ओर एक कदम

दिल्ली लखपति बिटिया योजना को सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। यह योजना न सिर्फ आर्थिक मदद देगी, बल्कि समाज में बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।