राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में लॉन्च की 4 बड़ी महिला सशक्तिकरण योजनाएं, बेटियों को मिला सीधा आर्थिक सहारा

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Delhi News: सोमवार का दिन दिल्ली के विकास और महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हुआ। राजधानी के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने महिलाओं और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के उद्देश्य से कई नई योजनाओं की शुरुआत की। यह कार्यक्रम केवल सरकारी योजनाओं का उद्घाटन नहीं था, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में एक व्यापक पहल के रूप में देखा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बालिकाओं और विभिन्न…

Delhi News: सोमवार का दिन दिल्ली के विकास और महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हुआ। राजधानी के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने महिलाओं और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के उद्देश्य से कई नई योजनाओं की शुरुआत की। यह कार्यक्रम केवल सरकारी योजनाओं का उद्घाटन नहीं था, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में एक व्यापक पहल के रूप में देखा गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बालिकाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई कई महत्वपूर्ण योजनाओं को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया गया, जिनका उद्देश्य महिलाओं के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को मजबूत बनाना है।

Delhi News: महिलाओं के लिए नई योजनाओं की शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें दिल्ली लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, त्योहारों पर निःशुल्क गैस सिलेंडर योजना और लाडली योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता का वितरण प्रमुख रहा। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के हर चरण में सक्षम बनाना है। सरकार का प्रयास है कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता तक एक मजबूत समर्थन प्रणाली उपलब्ध कराई जाए।

लाडली योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में बालिकाओं के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई। इससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला और बेटियों की शिक्षा एवं भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हजारों लाभार्थी महिलाएं और बालिकाएं भी शामिल हुईं, जिससे यह आयोजन जनभागीदारी का प्रतीक बन गया। नेताओं और अधिकारियों ने इस अवसर को महिला सशक्तिकरण के लिए सामूहिक संकल्प का मंच बताया।

राष्ट्रपति का प्रेरणादायक संबोधन

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अवसर, शिक्षा और सुरक्षा मिलती है तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होते हैं। उन्होंने भारतीय परंपरा में नारी के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की संस्कृति में महिलाओं को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने इतिहास की महान महिलाओं — लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, रानी गाइडिनल्यू और सरोजिनी नायडू — के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने समाज में बदलाव की राह दिखाई।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आज महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल, प्रशासन, व्यापार और राजनीति सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि महिलाओं को अभी भी कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें मिलकर दूर करना आवश्यक है।

सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ

राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। वास्तविक सशक्तिकरण तब संभव होता है जब महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता, सम्मानजनक जीवन, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण मिले। उन्होंने शिक्षा को महिलाओं की प्रगति की सबसे बड़ी कुंजी बताया। साथ ही कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति बेटियों को आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश को “वुमेन-लेड डेवलपमेंट” की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

समाज की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण

राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार का कार्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। परिवार, समुदाय और संस्थाओं को मिलकर ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां बेटियां बिना डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आधी आबादी के सशक्त हुए बिना यह सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्त्री और पुरुष को जीवन रूपी रथ के दो पहियों की तरह बताया और कहा कि दोनों की समान भागीदारी से ही राष्ट्र आगे बढ़ सकता है।

दिल्ली को आदर्श मॉडल बनाने की अपील

राष्ट्रपति ने राजधानी दिल्ली को महिला विकास का उदाहरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि देश की राजधानी में महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे देश में दिखाई देगा। उन्होंने नागरिकों से महिला सम्मान को प्राथमिकता देने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने का संकल्प लेने की अपील की।

उपराज्यपाल का संबोधन, परिवार भी होंगे मजबूत

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि शुरू की गई योजनाएं महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों को भी सशक्त बनाएंगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने दिल्ली लखपति बिटिया योजना को दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक सहायता प्रदान की जाएगी। उपराज्यपाल ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से दिल्ली महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल बन सकती है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर को दिल्ली के इतिहास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता का संकल्प है। उन्होंने कहा कि जब एक बेटी सशक्त होती है तो पूरा परिवार मजबूत होता है, और जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो समाज आत्मविश्वास से भर जाता है। उन्होंने राष्ट्रपति की उपस्थिति को देश की बेटियों के लिए प्रेरणा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण को नीति नहीं बल्कि प्राथमिकता बनाया है और नई योजनाएं इसी सोच का परिणाम हैं।

लाडली योजना में पारदर्शिता और सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबे समय से लंबित लाडली योजना की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। पहले चरण में हजारों बालिकाओं को करोड़ों रुपये सीधे उनके खातों में भेजे गए। उन्होंने कहा कि पहले लाभार्थियों को अपनी राशि की जानकारी तक नहीं मिलती थी, इसलिए नई प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।

दिल्ली लखपति बिटिया योजना की विशेषताएं

इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक चरणबद्ध तरीके से सरकार द्वारा आर्थिक सहायता जमा की जाएगी। कुल मिलाकर लगभग 61 हजार रुपये की राशि निवेश की जाएगी, जो समय के साथ ब्याज सहित बढ़कर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएगी। सरकार ने इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया है। साथ ही, बाल देखभाल संस्थानों में रह रही बेटियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा ताकि कोई भी बच्ची अवसरों से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का लक्ष्य शिक्षा में ड्रॉपआउट दर को खत्म करना है।

सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड: सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक

महिलाओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने इसे केवल यात्रा कार्ड नहीं बल्कि “सम्मान कार्ड” बताया। यह कार्ड सार्वजनिक परिवहन में उपयोगी होगा और महिलाओं को सुरक्षित व आसान यात्रा की सुविधा देगा। इससे रोजगार और शिक्षा के अवसरों तक पहुंच भी आसान होगी।

त्योहारों पर निःशुल्क गैस सिलेंडर योजना

महिलाओं को घरेलू स्तर पर राहत देने के लिए होली और दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर देने की योजना भी शुरू की गई। इसके तहत पात्र महिलाओं के खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी गई। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू खर्च का बोझ कम होगा और महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा।

समग्र महिला सशक्तिकरण की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल एक योजना तक सीमित नहीं है। यह जन्म से सुरक्षा, शिक्षा में निवेश, सुरक्षित आवागमन और घरेलू जीवन में राहत जैसे कई पहलुओं का समग्र ढांचा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी और आर्थिक गतिविधियों में योगदान विकसित भारत के लक्ष्य के लिए आवश्यक है।

विकसित भारत की ओर बढ़ता कदम

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण देश के विकास की आधारशिला है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर और सुरक्षित होंगी, तभी समाज और राष्ट्र समृद्ध बन सकेगा। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली की शुभकामनाएं देते हुए दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सशक्त नारी ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है। दिल्ली सरकार की नई पहलें महिलाओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा और अवसर प्रदान कर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।