Delhi Police Week: दिल्ली पुलिस वीक के अवसर पर बीते दिन शुक्रवार को कैलाश नगर स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना था। आयोजन समाजसेवी संस्था अधिकार मंच और दिल्ली पुलिस के संयुक्त सहयोग से किया गया।
Delhi Police Week: पुलिस आयुक्त ने दिलाई नशा विरोधी शपथ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे दिल्ली पुलिस आयुक्त (Delhi Police Commissioner Satish Golcha) सतीश गोलछा ने छात्रों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। सभी ने संकल्प लिया कि वे जीवनभर किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और नशीले पदार्थों का विरोध करेंगे।
पुलिस आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नशे के खिलाफ लिया गया यह संकल्प केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि इसे जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज और पुलिस मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक बुराइयों को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं यमुनापार विकास बोर्ड के चेयरमैन अरविंदर सिंह लवली भी मौजूद रहे। उनके साथ ज्वाइंट सीपी ईस्टर्न रेंज राजीव रंजन सिंह, डीसीपी (शाहदरा) प्रशांत गौतम, अधिकार मंच के अध्यक्ष सतेन्द्र त्रिपाठी, स्कूल के प्रधानाचार्य निरंजन कुमार सहित कई शिक्षक, अभिभावक और पूर्व छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करने की बात कही।
सामाजिक संगठनों का संदेश

पिंगक्ष फाउंडेशन के अध्यक्ष और चांदनी चौक नरसिंह हनुमान मंदिर के महंत डॉ. गौरव शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि बचपन से ही बच्चों को सही दिशा दी जाए तो वे भविष्य में नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता

कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से नशे के नुकसान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अलावा मंच पर नाटक का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें कलाकारों ने नशे के कारण होने वाले मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान को दिखाया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुलिस आयुक्त द्वारा नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, डीसीपी प्रशांत गौतम ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। अधिकारियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डीसीपी प्रशांत गौतम ने कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचाता है। इसलिए हर व्यक्ति को इससे दूर रहना चाहिए और दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
स्कूल प्रशासन का सहयोग

स्कूल के प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय स्कूल स्टाफ, एसएचओ गांधी नगर राजकुमार और पूर्व छात्रों को दिया। उन्होंने कहा कि कम समय में इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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