Delhi LG News : राजधानी की सड़कों पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ अब और सख्ती होगी। गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना हेलमेट बाइक दौड़ाना, तीन सवारी बैठाना और लालबत्ती पार करने जैसे खतरनाक यातायात उल्लंघनों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार सहित यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में सामने आया कि इस वर्ष 31 जुलाई तक गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 3.51 लाख से अधिक चालान किए जा चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत अधिक हैं। गंभीर मामलों में 2,321 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं एलजी ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि सड़क पर पुलिस की दिखाई देने वाली मौजूदगी यातायात जाम और अव्यवस्था रोकने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने पीक आवर्स में प्रमुख जाम वाले स्थानों पर पुलिस की अधिकतम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के लिए यातायात का सुचारू संचालन बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक साल में दोगुने से ज्यादा कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई 2025 तक गलत दिशा में वाहन चलाने के 1,64,365 चालान किए गए थे। इस वर्ष इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 3,51,523 हो गई। यानी कार्रवाई में 113 प्रतिशत का उछाल आया है। आठ अप्रैल से 31 जुलाई के बीच गंभीर रूप से गलत दिशा में वाहन चलाने वाले 2,321 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ भी पुलिस की कार्रवाई बढ़ी है। पिछले वर्ष 31 जुलाई तक 11,94,975 चालान किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या 15,36,944 पहुंच गई। इसमें 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राजधानी में जारी किए गए कुल चालानों की संख्या भी 54.23 लाख से बढ़कर 56.45 लाख हो गई है। वहीं ‘ट्रैफिक पाठशाला’ के तहत 710 प्रमुख चौराहों पर 17,400 से अधिक यातायात नियम तोड़ने वालों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
जलभराव वाले स्थानों में बड़ी कमी
बैठक में मानसून के दौरान जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग सहित संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से इस वर्ष पांच अगस्त तक जलभराव वाले स्थानों की संख्या घटकर 65 रह गई। वर्ष 2024 में यह संख्या 194 और वर्ष 2025 में 169 थी। बार-बार जलभराव होने वाले स्थानों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2024 और 2025 में ऐसे 53 स्थान थे, जबकि इस वर्ष इनकी संख्या घटकर केवल 20 रह गई है। इसके चलते यातायात संबंधी शिकायतों में भी कमी दर्ज की गई। जुलाई 2026 में हेल्पलाइन पर यातायात संबंधी 572 कॉल आईं, जबकि जुलाई 2025 में 701 कॉल आई थीं। सामाजिक माध्यमों पर शिकायतें भी 1,792 से घटकर 1,653 हो गईं। ‘प्रोजेक्ट संगम’ के तहत आरडब्ल्यूए और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ 553 बैठकें की गईं। इनमें स्थानीय यातायात समस्याओं से जुड़े 510 सुझाव मिले।
कांवड़ यात्रा के बाद स्वतंत्रता दिवस पर भी विशेष निगरानी
एलजी ने कांवड़ यात्रा के दौरान किए गए विशेष यातायात प्रबंधों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर राजधानी में विशेष यातायात और सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। यातायात पुलिस ने गूगल मैप्स और मैपमाइइंडिया के साथ मिलकर वास्तविक समय की यातायात सूचना, गति सीमा और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की चेतावनी डिजिटल मानचित्रों के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।



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